नई दिल्ली, Sucess Story | कहते है कि प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती और इसे 2nd क्लास की छात्रा ओजस्वी ने सच कर दिखाया है. केवल 7 साल की उम्र में उसने ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिसे बड़े- बड़े छात्र भी हासिल करने का सपना देखते है. आइए जानते है ओजस्वी के जज्बे के बारे में पूरी कहानी…

2nd क्लास में 5वीं कक्षा की परीक्षा
ओजस्वी फिलहाल कक्षा दूसरी की छात्रा है, लेकिन उसकी क्षमता को देखते हुए उसे 5वीं बोर्ड परीक्षा में बैठने के लिए विशेष अनुमति दी गई है. इतनी छोटी उम्र में इस स्तर की उपलब्धि हासिल करना अपने आप में एक बड़ी बात मानी जा रही है.
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के लैलूंगा की रहने वाली 7 साल की ओजस्वी चतुर्वेदी ने यह साबित कर दिया कि प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती. इतनी छोटी उम्र में ही ओजस्वी ने अपनी असाधारण बुद्धिमत्ता से सबको हैरान कर दिया है.
अन्य बच्चों को दे रही शिक्षा
ओजस्वी की खास बात सिर्फ उसकी पढ़ाई ही नहीं है, बल्कि वह अन्य बच्चों को भी पढ़ाती है. वो कंप्यूटर, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान, और भूगोल जैसे विषयों को आसान और रोचक तरीके से पढ़ाती है. उसकी समझ और आत्मविश्वास को देखकर लोग हैरान रह जाते है.
परिजनों के अनुसार ओजस्वी बचपन से ही पढ़ाई में बेहद रुचि रखती है और हमेशा कुछ नया सीखने की कोशिश करती है. उसकी लगन और मेहनत ही आज उसकी पहचान बन गई है.
ओजस्वी की इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में गर्व का माहौल है. लोग उम्मीद कर रहे है कि यह नन्ही प्रतिभा भविष्य में जिले और प्रदेश का नाम रोशन करेगी.