अंगदान के लिए पुलिस का खास मिशन, चंडीमंदिर से एयरपोर्ट तक क्लीयर रहा रूट; दिल्ली भेजे गए जीवनरक्षक अंग

पंचकूला | चंडीमंदिर कैंट से चंडीगढ़ एयरपोर्ट तक सड़क पर एंबुलेंस को बिना किसी रुकावट के निकालने के लिए पंचकूला पुलिस ने विशेष ग्रीन कॉरिडोर बनाया. एंबुलेंस में 62 वर्षीय अमरचंद के मरणोपरांत दान किए गए जीवनरक्षक अंग थे, जिन्हें दिल्ली के अस्पतालों तक पहुंचाया जाना था. पुलिस ने पूरे रूट को क्लीयर रखा और ट्रैफिक टीमों को पहले ही अलग- अलग स्थानों पर तैनात कर दिया गया.

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अमरचंद आर्मी मैन रणबीर सिंह के पिता थे. वह पंचकूला के चंडीमंदिर एरिया स्थित कमांड अस्पताल में भर्ती थे. डॉक्टरों ने उन्हें ब्रेन डेड घोषित किया था. इसके बाद परिवार ने उनके मरणोपरांत अंगदान का फैसला लिया.

2 किडनी, लीवर और आंखें की गईं दान

परिजनों की सहमति मिलने के बाद अमरचंद की 2 किडनी, 1 लीवर और 2 आंखों को जरूरतमंद मरीजों तक पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू हुई. अंगों को पहले कमांड अस्पताल चंडीमंदिर से एंबुलेंस के जरिए चंडीगढ़ एयरपोर्ट ले जाया गया. वहां से इन्हें हवाई मार्ग से दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल और आर्मी अस्पताल भेजा गया. डीसीपी (क्राइम एंड ट्रैफिक) आईपीएस अमरिंदर सिंह के मुताबिक अंगों को तय समय में एयरपोर्ट पहुंचाना जरूरी था. इसके लिए कमांड अस्पताल से पुराने पंचकूला होते हुए जीरकपुर बॉर्डर तक रूट को क्लीयर रखा गया.

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सराहनीय काम

एसएचओ ट्रैफिक वरिंदर कुमार की अगुवाई में पुलिस टीमों ने रास्ते पर निगरानी रखी, ताकि एंबुलेंस को ट्रैफिक में कहीं रुकना न पड़े. पड़ोसी जिलों की पुलिस से भी तालमेल बनाया गया. डीसीपी ने बताया कि अंगदान के मामलों में समय बेहद महत्वपूर्ण होता है. इस मिशन में सेना के अस्पताल प्रशासन, मेडिकल टीम, पंचकूला ट्रैफिक पुलिस और संबंधित जिलों की पुलिस ने मिलकर काम किया. परिवार के फैसले के बाद अमरचंद के अंग अब जरूरतमंद मरीजों के इलाज में इस्तेमाल किए जा सकेंगे.

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Sanjukta Pandit
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मेरा नाम संयुक्ता पंडित है. मै हरियाणा ई खबर में बतौर एडिटर के पोस्ट पर लगभग 4 सालों से काम रही हूँ. मेरी हमेशा कोशिश रहती है आप लोगो तक ब्रेकिंग न्यूज़ जल्द से जल्द अपडेट करूं और न्यूज़ में कोई व्याकरण की गलती न हो.