अंबाला | यूपी, जम्मू कश्मीर और हरियाणा के लोगों को नई सौगात जल्द ही मिलने वाली है. अंबाला छावनी में घरेलू एयरपोर्ट का निर्माण शुरू करने से पहले इसका ब्लू प्रिंट तैयार कर लिया गया है. जहाज कहां पर खड़े होंगे, यात्री कहां से प्रवेश करेंगे, कहां से बाहर आएंगे, सिक्योरिटी चेक कहां होगा और सवारियों को बस कहां तक जहाज में सवार होने के लिए लेकर जाएगी इसकी रूपरेखा तैयार कर ली गई है. चालीस करोड़ रुपए की लागत से बीस एकड़ में निर्माण कार्य शुरू होना है. हालांकि, इसकी संरचना तैयार होने में समय लगेगा लेकिन उड़ान लगभग चार महीने में शुरू होने की संभावना है.
सेना ने जमीन को पोर्टल पर किया अपलोड
सेना ने जमीन को पोर्टल पर अपलोड कर दिया है, जिससे जल्द ही यह जमीन सरकार को हस्तांतरित कर दी जाएगी. राज्य के गृह मंत्री अनिल विज की बैठक के बाद शनिवार को डीसी डॉ. प्रियंका सोनी और सेना के अधिकारियों के बीच बातचीत हुई. इस दौरान एयरपोर्ट को लेकर तैयार किए गए ब्लू प्रिंट को लेकर चर्चा हुई.
सेना के अधिकारियों ने डीसी को बताया कि यात्रियों का प्रवेश कहां से होगा और निकास कैसे होगा. इसके अलावा, जहाज कहां खड़े होंगे यात्रियों को लेकर बस रनवे पर कैसे पहुंचेगी. इसकी पूरी जानकारी डीसी को दी गई.
वायुसेना में होते हैं दो रनवे
पहले अंबाला छावनी के एयरफोर्स स्टेशन में तीन रनवे हुआ करते थे लेकिन अब दो रनवे बाकी हैं. घरेलू हवाईअड्डे का ब्लू प्रिंट तैयार करते समय यह भी देखा गया कि सुरक्षा की दृष्टि से कोई कमी नहीं रहनी चाहिए. इसी एयरबेस पर राफेल भी तैनात है इसलिए फाइनल रूपरेखा तैयार करने से पहले सुरक्षा के सभी पहलुओं पर चर्चा की गई और सेना के अधिकारियों ने इस बात पर सहमति जताई कि अब एयरपोर्ट कहां बनाया जाना है.
हवाई अड्डे का विकास नागरिक उड्डयन द्वारा होगा
अंबाला कैंट में बनने वाले घरेलू हवाईअड्डे का पहले ही नागरिक उड्डयन की टीम ने दौरा कर लिया है. टर्मिनल बनाने के लिए कितनी जगह की जरूरत है इसमें एंट्री और एग्जिट और अन्य तकनीकी पहलुओं पर चर्चा की गई है. यह एयरपोर्ट सिविल एविएशन द्वारा ही किया जाना है. यह योजना बनाई गई है कि टर्मिनल वायु सेना स्टेशन के बाहर एलेक्जेंड्रा रोड पर बनाया जाएगा.
यह टर्मिनल पफ पैनल से बनेगा और टर्मिनल में यात्रियों की जांच के बाद उन्हें बसों से अंदर विमान तक ले जाया जाएगा. इसके बाद एयरफोर्स स्टेशन के रनवे से निजी विमान उड़ान भर सकेंगे.
श्रीनगर और लखनऊ के लिए फ्लाइट होगी
अंबाला कैंट में बनने वाले इस डोमेस्टिक एयरपोर्ट के लिए करीब चार महीने में फ्लाइट शुरू हो जाएगी. यहां से श्रीनगर और लखनऊ के लिए उड़ानें भरी जाएंगी. फिलहाल, यह फ्लाइट पहले श्रीनगर के लिए शुरू होगी. इस फ्लाइट से जम्मू- कश्मीर जाने वाले लोगों को काफी फायदा होगा.
विज खुद कर रहे मॉनिटरिंग
घरेलू एयरपोर्ट को लेकर राज्य के गृह मंत्री अनिल विज खुद इसकी मॉनिटरिंग कर रहे हैं. इसके लिए वह रक्षा मंत्री राजनाथ से भी मुलाकात कर चुके हैं. यही वजह है कि सेना और वायु सेना के वरिष्ठ अधिकारी सहित जिला और राज्य स्तर के अधिकारी भी विज के संपर्क में हैं. अब तय किया गया है कि ढांचा भले ही बाद में बनेगा लेकिन इसकी उड़ान पहले से शुरू की जाएगी.
