रेवाड़ी | हरियाणा के रेवाड़ी जिले के सरकारी स्कूल अब पारंपरिक पढ़ाई से आगे बढ़कर हाईटेक शिक्षा की ओर कदम बढ़ा रहे है. बता दें कि शिक्षा विभाग ने जिले के स्कूलों में अब अटल टिंकरिंग लैब (ATL) के माध्यम से रोबोटिक्स, ड्रोन टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की पढ़ाई शुरू करने की तैयारी तेज कर दी है. इस पहल का उद्देश्य सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ना और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना है.

अटल टिंकरिंग लैब
अटल टिंकरिंग लैब नीति एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य स्कूली छात्रों में वैज्ञानिक सोच और नवाचार की भावना विकसित करना है. इन लैब्स में छात्रों को इलेक्ट्रॉनिक्स, 3 डी प्रिंटिंग, रोबोटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स और AI जैसी तकनीकों पर काम करने का अवसर मिलता है.छठी से 12वीं तक के विद्यार्थी यहां खुद के आइडिया पर काम कर सकेंगे. लैब में हर साल 2 लाख रुपए का अनुदान भी मिलेगा.
हाल ही में 11 सरकारी स्कूलों में स्थापित की गई अटल टिंकरिंग लैब के सफल संचालन के लिए जिला स्तर पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा. यह प्रशिक्षण 26 मई से 30 मई तक पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बिठवाना में चलेगा. शिक्षा विभाग अधिकारियों ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभाग के विषय विशेषज्ञ शिक्षकों को अटल टिंकरिंग लैब के उपकरणों की जानकारी, प्रोजेक्ट आधारित शिक्षण और नवाचार को पाठ्यक्रम से जोड़ने के तरीके सिखाएंगे.
10 स्कूलों में स्थापित हुई है लैब
रेवाड़ी जिले के 10 सरकारी स्कूलों में अटल टिंकरिंग लैब स्थापित की जा चुकी है. इनमें बीकानेर, नांगल शहबाजपुर, संगवाड़ी, गुर्जर माजरी, बिठवाना, नांगल तेजू, रतनथल, कोसली, झाड़ौदा और बगथला के राजकीय विद्यालय शामिल है. इन लैब्स में विद्यार्थियों को विज्ञान और तकनीक आधारित प्रयोगात्मक शिक्षा दी जाएगी, जिससे उनकी रचनात्मक, समस्या समाधान क्षमता और तकनीकी समझ विकसित हो सके.
प्रशिक्षण कार्यक्रम को कई चरणों में बांटा गया है. पहले दिन अटल टिंकरिंग लैब की अवधारणा और नीति पर चर्चा होगी. इसके बाद प्रैक्टिकल सत्रों में शिक्षकों को रोबोट बनाना, ड्रोन उड़ाना, मशीन लर्निंग और AI के उपयोग सिखाएं जाएंगे. अंतिम दिन शिक्षकों से मॉडल प्रोजेक्ट तैयार करवाएं जाएंगे, ताकि वे अपने स्कूलों में विद्यार्थियों को व्यवहारिक शिक्षा दे सके.