चंडीगढ़ | हरियाणा में गन्ने की खेती करने की योजना बना रहे किसानों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है. सूबे की नायब सैनी सरकार ने गन्ने की खेती को प्रोत्साहित करने व गन्ना किसानों को ज्यादा से ज्यादा लाभ प्रदान करने के उद्देश्य से ‘गन्ना प्रौद्योगिकी मिशन’ योजना तैयार की है.

हरियाणा में किसानों को मिलेगी प्रोत्साहन राशि
इस योजना के तहत, अब जो किसान 4 फीट की दूरी पर चौड़ी कतारों में गन्ना रोपण करेंगे, उन्हें राज्य सरकार की ओर से 5 हजार रुपए प्रति एकड़ की दर से प्रोत्साहन राशि का लाभ मिलेगा. पहले इस विधि से गन्ना रोपण पर 3 हजार रुपए प्रति एकड़ मिलते थे लेकिन अब इसमें 2 हजार रुपए प्रति एकड़ की वृद्धि कर दी गई है, जिसके बाद किसानों को 5 हजार रुपए प्रति एकड़ मिलेंगे.
कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने बताया कि बतौर वित्त मंत्री साल 2026-27 का वार्षिक बजट पेश करते हुए मुख्यमंत्री नायब सैनी ने गन्ना प्रौद्योगिकी मिशन के तहत चार फीट की दूरी पर चौड़ी कतारों में गन्ना रोपण करने वाले किसानों को 5 हजार रुपए प्रति एकड़ की दर से प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की थी, जिसे प्रदेश सरकार द्वारा मंजूरी प्रदान कर दी गई है.
इस तारीख तक करें आवेदन
उन्होंने बताया कि बढ़ी हुई प्रोत्साहन राशि को प्राप्त करने के लिए गन्ना उत्पादक किसानों को कृषि विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर 15 अक्टूबर से 31 दिसंबर तक आवेदन करना होगा. फरवरी, 2027 के अंत तक भौतिक सत्यापन करने के बाद संबंधित किसान को प्रोत्साहन राशि का भुगतान कर दिया जाएगा.
कैबिनेट मंत्री श्याम सिंह राणा ने बताया कि अब एकल- आंख विधि से भी गन्ने की बिजाई करने वाले किसानों को 5 हजार रुपए प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी. पहले यह राशि 3 हजार रुपए थी. उन्होंने बताया कि प्रदेश की प्रत्येक सहकारी चीनी मिल अपने क्षेत्र के किसानों को शुगरकेन हार्वेस्टर मशीन उपलब्ध करवाएगी ताकि किसानों की फसल कटाई पर लागत कम हो सके.
किसानों को मुफ्त मिलेगी पौधा
श्याम सिंह राणा ने बताया कि टिश्यू कल्चर के माध्यम से गन्ना उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा. इस विधि से तैयार हुई गन्ने की पौध किसानों को मुफ्त उपलब्ध कराई जाएगी. करनाल सहकारी चीनी मिल द्वारा यह पौध तैयार होगी और किसान साथी अक्टूबर से दिसंबर तक इस मिल से पौध ले सकते हैं.