फरीदाबाद | हरियाणा सरकार (Haryana Govt) की प्रोत्साहन नीति की बदौलत आज सूबे के किसान परम्परागत खेती का मोह त्याग कर ऑर्गेनिक और बागवानी खेती को बढ़ावा दे रहे हैं, ताकि कम लागत पर ज्यादा मुनाफा कमाया जा सकें. इसी कड़ी में फरीदाबाद जिले के गांव सुनपेड़ में किसान राजबीर गोभी की खेती से ठीक- ठाक आमदनी कर अपनी आजीविका चला रहे हैं.

सब्जियों की खेती से मुनाफा
मूलरूप से बल्लभगढ़ निवासी किसान राजबीर ने बताया कि उन्होंने सुनपेड़ गांव में ठेके पर जमीन ली हुई है और इस समय 3 बीघा खेत में गोभी की खेती कर रहे हैं, जहां उन्होंने गोभी की 20 से ज्यादा वैरायटी लगाई हुई है. इसके साथ ही, खीरा और करेला जैसी सब्जियां भी लगाई हुई है.
राजबीर ने बताया कि गोभी की फसल 3 महीने में पककर तैयार हो जाती है. वो पिछले 20 साल से ज्यादा समय से गोभी की खेती कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि 3 बीघा जमीन पर गोभी की खेती पर करीब 35 हजार रुपए तक खर्च आता है. इस खेती से उनकी लागत निकल आती है. साथ ही, घर के पालन- पोषण का खर्चा चलता रहता है. किसान साथी यदि परम्परागत खेती छोड़कर सब्जियां, बागवानी आदि खेती में हाथ आजमाए, तो अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकते हैं.
मंडी में मिला उचित भाव
उन्होंने बताया कि इस बार मंडी में गोभी का उचित भाव मिल रहा है. इस बार गोभी 15 से 20 रूपए प्रति किलो तक बिक रही है. जिसके चलते उन्हें ठीक- ठाक मुनाफा हो रहा है. उन्होंने अन्य किसानों से आग्रह करते हुए कहा कि कम लागत में अधिक मुनाफा कमाना है, तो बागवानी और ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा देना होगा. सब्जियों की खेती बहुत कम समय की होती है. यदि इसे सही तरीके से किया जाए तो अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है.