पंचकूला | मानसून के दौरान भूस्खलन के बढ़ते खतरे को देखते हुए रेलवे ने कालका- शिमला रेल मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत कर दी है. यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज में शामिल इस ऐतिहासिक रेल मार्ग पर दो दर्जन से अधिक गैंगमैन तैनात किए गए हैं, जो पूरे ट्रैक पर लगातार पेट्रोलिंग करेंगे. समय रहते ट्रेनों का संचालन रोका जा सके और किसी भी संभावित हादसे से बचा जा सके.

रेलवे अधिकारियों के अनुसार मानसून के मौसम में पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका अधिक रहती है. इसी वजह से पूरे रेल मार्ग पर हर तीन किलोमीटर की दूरी पर गैंगमैन की तैनाती की गई है.
कालका-शिमला रेल
दो- दो गैंगमैन आमने- सामने की दिशा से ट्रैक की निगरानी करेंगे और नियमित गश्त के दौरान हर गतिविधि का रिकॉर्ड पेट्रोलिंग कॉपी में दर्ज करेंगे. लगातार निगरानी से किसी भी आपात स्थिति की सूचना तुरंत मिल सकेगी और ट्रेनों का संचालन सुरक्षित ढंग से किया जा सकेगा. इससे यात्रियों की सुरक्षा करने के साथ रेल सेवाओं पर मौसम के असर को भी कम करने में मदद मिलेगी.
सुरक्षा के इंतजाम
पिछले दो दशकों में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण कालका-शिमला रेल मार्ग कई बार प्रभावित हो चुका है. जुलाई 2013 में भारी बारिश के दौरान एक पुल बह जाने से ट्रैक क्षतिग्रस्त हो गया था और कालका-शिमला टॉय ट्रेन सेवा एक महीने से अधिक समय तक बंद रही थी. इसी को देखते हुए इस बार रेलवे ने मानसून शुरू होते ही अतिरिक्त सतर्कता बरतने और सुरक्षा इंतजाम पहले से ही कड़े करने का फैसला लिया है.