चंडीगढ़ | पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने अस्पतालों में आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के लिए अहम निर्देश दिए हैं. कोर्ट ने PGI चंडीगढ़ और पंजाब यूनिवर्सिटी से Healthcare Hospital Engineering and Architecture का विशेष कोर्स शुरू करने की संभावना पर गंभीरता से विचार करने को कहा है. साथ ही दोनों संस्थानों के प्रमुखों को बैठक कर इस संबंध में ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं. मामले की अगली सुनवाई 10 अगस्त को होगी.

यह आदेश 88 वर्षीय हेल्थकेयर इंजीनियरिंग विशेषज्ञ डॉ. जेसी मेहता की जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया. याचिका में अस्पतालों में बढ़ते इनडोर प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं की जरूरत को देखते हुए इस क्षेत्र में प्रशिक्षित विशेषज्ञों की कमी का मुद्दा उठाया गया है.
PGI और पंजाब यूनिवर्सिटी मंथन
डॉ. मेहता ने अदालत को बताया कि वह वर्ष 1981 से इस विशेष कोर्स को शुरू कराने के प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अब तक देश में इस विषय का कोई समर्पित पाठ्यक्रम शुरू नहीं हो पाया है. सुनवाई के दौरान अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल सत्य पाल जैन ने हाईकोर्ट को भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार इस पहल में पूरा सहयोग करेगी. उन्होंने कहा कि PGI और पंजाब यूनिवर्सिटी के साथ बैठक कर कोर्स शुरू करने की संभावनाओं पर काम किया जाएगा.
विशेष संस्थान बनाने की घोषणा
याचिका में बताया गया कि भारत ही नहीं पूरे दक्षिण- पूर्व एशिया में भी इस विषय का कोई विशेष कोर्स उपलब्ध नहीं है जबकि अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में यह पाठ्यक्रम पहले से संचालित है. इन कोर्सों में अस्पतालों की डिजाइन, वेंटिलेशन, हवा की गुणवत्ता, संक्रमण नियंत्रण, ऊर्जा दक्षता और मरीजों के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करने पर विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है. डॉ. मेहता ने यह भी बताया कि 2006 में तत्कालीन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने इस क्षेत्र के लिए विशेष संस्थान बनाने की घोषणा की थी लेकिन करीब दो दशक बाद भी इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया.