हरियाणा सरकार का फैसला, SHG महिलाओं को पंचायत की जमीन पर डेयरी खोलने की अनुमति

रोहतक | हरियाणा सरकार ने स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ी महिलाओं को स्वरोजगार मिलेगा. दरअसल, हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (HSRLM) से जुड़ी महिला सदस्य पंचायत की शामलात भूमि पट्टे पर लेकर डेयरी व्यवसाय शुरू कर सकेंगी. इस संबंध में विकास एवं पंचायत विभाग ने नए नियम और शर्तें जारी कर दी हैं. जिला ग्रामीण विकास एजेंसी (DRDA) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी नरेंद्र कुमार ने बताया कि जिले के पांचों खंडों के 16 गांवों की 27 सक्रिय स्वयं सहायता समूह सदस्यों को ‘पशु सखी’ का प्रशिक्षण दिया गया है.

Cow Dairy Farm

उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन पहले से ही आजीविका का प्रमुख साधन है, जिसमें महिलाओं की अहम भूमिका रहती है. हालांकि अधिकांश गरीब परिवारों की महिलाओं के पास पर्याप्त जमीन या संसाधन नहीं होने के कारण वे डेयरी व्यवसाय शुरू नहीं कर पाती थीं.

हरियाणा सरकार का फैसला

इसी समस्या को देखते हुए सरकार ने यह नई व्यवस्था लागू की है. नए नियमों के तहत स्वयं सहायता समूह की महिलाएं मिलकर ग्राम पंचायत की शामलात भूमि पट्टे पर लेकर डेयरी संचालित कर सकेंगी. उपायुक्त ग्राम पंचायत को अधिकतम 500 वर्ग गज शामलात भूमि दो वर्ष के लिए पट्टे पर देने की अनुमति दे सकेंगे. यदि डेयरी गतिविधियां संतोषजनक पाई जाती हैं तो पट्टे की अवधि तीन वर्ष और बढ़ाई जा सकेगी. योजना का लाभ लेने के लिए संबंधित स्वयं सहायता समूह का कम से कम एक वर्ष से सक्रिय होना जरूरी होगा.

यह भी पढ़े -  हरियाणा के सरकारी स्कूलों में बड़ा बदलाव, अब हर सप्ताह गाया जाएगा राज्य-गीत

डेयरी खोलने की अनुमति

नरेंद्र कुमार ने बताया कि प्रशिक्षित पशु सखी पशुपालकों को पशुओं के बेहतर प्रबंधन, पौष्टिक आहार, दूध की उचित कीमत पर बिक्री, पशु खरीदने के लिए ऋण उपलब्ध कराने और भूमिहीन महिलाओं को इस योजना से जोड़ने में सहयोग करेंगी. इससे ग्रामीण महिलाओं को स्थायी रोजगार मिलने के साथ उनकी आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी.

Avatar of Sanjukta Pandit
Sanjukta Pandit
View all posts

मेरा नाम संयुक्ता पंडित है. मै हरियाणा ई खबर में बतौर एडिटर के पोस्ट पर लगभग 4 सालों से काम रही हूँ. मेरी हमेशा कोशिश रहती है आप लोगो तक ब्रेकिंग न्यूज़ जल्द से जल्द अपडेट करूं और न्यूज़ में कोई व्याकरण की गलती न हो.