हरियाणा में बारिश की कमी से बढ़ी उमस, 28 जुलाई के बाद झमाझम बारिश के आसार

हिसार | हरियाणा में इस बार मानसून की रफ्तार अब तक धीमी बनी हुई है. 1 जून से 25 जुलाई के बीच प्रदेश में सामान्य से 24 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है. 23 जिलों में से केवल सात जिलों में सामान्य या उसके आसपास वर्षा हुई, जबकि 16 जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे रहा. मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले एक सप्ताह से कमजोर पड़ा मानसून 28 जुलाई से फिर सक्रिय हो सकता है, जिससे कई जिलों में बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है.

Barish Weather Mausam

मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार, 1 जून से 25 जुलाई तक हरियाणा में 132.7 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षा 175.4 मिलीमीटर होनी चाहिए थी.

हरियाणा मौसम अपडेट

मानसून टर्फ और अन्य मौसम प्रणालियों के राजस्थान की ओर सक्रिय रहने से हरियाणा, एनसीआर और दिल्ली में केवल छिटपुट बारिश हुई. इसी वजह से लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है. बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो फरीदाबाद में सबसे अधिक 271 मिलीमीटर वर्षा दर्ज हुई, जो सामान्य से 41 प्रतिशत ज्यादा है. वहीं हिसार में 34 प्रतिशत, कैथल में 46 प्रतिशत, पंचकूला में 49 प्रतिशत, जींद में 65 प्रतिशत और सिरसा में 61 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई.

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चरखी दादरी में 9 प्रतिशत, कुरुक्षेत्र में 3 प्रतिशत, महेंद्रगढ़ में 5 प्रतिशत, पलवल में 19 प्रतिशत, रेवाड़ी में शून्य प्रतिशत और यमुनानगर में 12 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज होने के बावजूद ये जिले सामान्य श्रेणी में शामिल हैं.

उमस से राहत

28 जुलाई के बाद मानसून दोबारा सक्रिय होगा. इसके चलते प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर तेज बारिश देखने को मिल सकती है. बारिश बढ़ने से तापमान में गिरावट आने और उमस से राहत मिलने की भी उम्मीद है. हालांकि, मौसम विशेषज्ञों ने लोगों को मौसम के ताजा अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी है.

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Sanjukta Pandit
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मेरा नाम संयुक्ता पंडित है. मै हरियाणा ई खबर में बतौर एडिटर के पोस्ट पर लगभग 4 सालों से काम रही हूँ. मेरी हमेशा कोशिश रहती है आप लोगो तक ब्रेकिंग न्यूज़ जल्द से जल्द अपडेट करूं और न्यूज़ में कोई व्याकरण की गलती न हो.