फरीदाबाद | हरियाणा सरकार NCR क्षेत्र को हरा-भरा बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है. इसी दिशा में सरकार ने एक नई योजना शुरू की है जिसके तहत बड़ी संस्थाओं को सैकड़ों एकड़ जमीन गोद दी जा रही है. हालांकि, इन जमीनों पर कोई भी कंस्ट्रक्शन नहीं किया जा सकेगा. इन संस्थाओं को केवल शुद्ध हवा और प्रदूषण मुक्त वातावरण के लिए काम करना होगा.
क्रेडाई को दी गई 150 एकड़ जमीन
सरकार ने कन्फेडरेशन ऑफ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (क्रेडाई) को एकड़ जमीन गोद दी है. इस जमीन पर डेवलपर्स ना तो कोई घर बना पाएंगे और ना ही कोई फ्लैट या अपार्टमेंट. इस भूमि का प्रयोग केवल पौधे उगाने और उनकी देखभाल करने के लिए किया जाएगा. मातृ वन योजना के तहत, इस जमीन को गोद दिया गया है. सबसे पहले 10 एकड़ जमीन ओमेक्स लिमिटेड ने गोद ली है.
अरावली में लगाए जाएंगे औषधीय पौधे
ओमेक्स लिमिटेड अरावली की पहाड़ियों में देसी और औषधीय पौधे लगाएगी. यहां पीपल, बेल, इमली जैसे पौधों का रोपण किया जाएगा. इन संस्थाओं को केवल पौधे लगाना ही नहीं, बल्कि आने वाले कई वर्षों तक उनकी देखरेख भी करनी होगी, ताकि भविष्य में यह क्षेत्र हरा- भरा नजर आ सके. गुरुग्राम के अरावली क्षेत्र में कुल 750 एकड़ में शहरी जंगल विकसित किया जाएगा, जिसमें से 150 एकड़ जमीन क्रेडाई को सौंपी गई है.
कई डेवलपर्स मिलकर इस भूमि को हरा- भरा बनाने के लिए कार्य करेंगे. सरकार की योजना का उद्देश्य दिल्ली- एनसीआर क्षेत्र में ग्रीन लंग्स विकसित करना है, जिससे लोगों को आने वाले समय में साफ वायु मिल सके.
