कैथल | विवाह तो आपने बहुत देखे होंगे, लेकिन हम आज ऐसे विवाह की बात करते है जिसने सामाजिक प्रथा और परंपरा पर नए सिरे से चर्चा छोड़ दी है. बता दें कि इसमें दहेज प्रथा को पूरी तरह से नकारा गया है और समाज में सकारात्मक संदेश दिया है. पूर्व चैयरमैन जसबीर सिंह तंवर और पूर्व संरपच रणबीर सिंह तंवर के परिवार ने अपने घर के 11वें बेटे आर्यन तंवर की शादी बिना दहेज और बेहद साधारण ढंग से की है. आइए जानते है पूरी कहानी…
केवल 1 रुपए 90 पैसे का छपाया कार्ड
इस शादी का कार्ड मात्र 1 रुपए 90 पैसे का तैयार कराया गया, जो फिजूलखर्ची रोकने का प्रतीक बना. जिला पार्षद प्रतिनिधि विकास तंवर के चचेरे भाई आर्यन तंवर की शादी सहारनपुर निवासी साक्षी के साथ हुई जिसमें दहेज के नाम पर शगुन का सिर्फ एक रुपया लिया. बारात का स्वागत भी बिना किसी महंगे उपहार के सिर्फ फूलों से किया. यह शादी इतनी सादगी से परिपूर्ण थी जिसने महंगाई पर मानो अंकुश लगा दिया हो.
तंवर परिवार के पास 190 एकड़ कृषि भूमि है. इसके अलावा एक राइस मिल और कई दुकानें भी उनके पास है. आर्थिक रूप से मजबूत होने के बाद उन्होंने शादी को सरल तरीके से संपन्न किया. पूर्व चेयरमैन जसबीर तंवर का कहना है कि जिस पिता ने अपनी बेटी को 20- 25 साल पाल- पोसकर बढ़ा किया, ऐसे में उनसे दहेज लेना बेटियों के सम्मान के विरुद्ध है.
परिवार के सदस्यों का मानना है कि जब कोई बहू दहेज लेकर नहीं आई तो ऐसे में सब में समानता बनाए रखने के लिए किसी से दहेज नहीं लिया जाएगा. वे खुद दुल्हन के लिए सारी जरूरत की चीजे खरीदकर कमरे में रख देते है ताकि उसे किसी प्रकार की कमी महसूस न हो. ऑस्ट्रेलिया में 14 वर्ष बीता चुके विकास तंवर ने दहेज प्रथा को समाज पर कलंक बताया है. तंवर परिवार की यह पहल दहेज के लोभियों और समाज दोनों के लिए संदेश है.
