हिसार | हरियाणा के हिसार स्थित एकमात्र महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट के लिए एक और बड़ी उपलब्धि सामने आई है. भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) को हिसार एयरपोर्ट पर इंस्ट्रूमेंट फ्लाइट रूल्स (IFR) के तहत विमान संचालन की DGCA से मंजूरी मिल गई है. हिसार एयरपोर्ट से अब दिन ही नहीं बल्कि रात और खराब मौसम में भी हवाई जहाज उड़ान भर सकेंगे.
अब तक हिसार एयरपोर्ट पर केवल विजुअल फ्लाइट रूल्स (VFR) के तहत दिन में ही हवाई जहाज उड़ान भर सकते थे. अब नई मंजूरी के बाद एयरपोर्ट की ऑपरेशनल क्षमता में बड़ा इजाफा हुआ है.
हिसार एयरपोर्ट को मिली बड़ी उपलब्धि
IFR संचालन की मंजूरी के साथ ही एयरपोर्ट पर दृश्यता की न्यूनतम सीमा 5 हजार मीटर से घटाकर लगभग 1200 मीटर कर दी गई है. इससे कम दृश्यता की स्थिति में भी विमान सुरक्षित तरीके से लैंड और टेक- ऑफ कर सकेंगे. इस बदलाव से उड़ानों के डायवर्जन और रद्द होने की घटनाओं में कमी आएगी. हिसार एयरपोर्ट अब दिल्ली के IGI एयरपोर्ट और जयपुर जैसे बड़े एयरपोर्ट्स से डायवर्ट की गई उड़ानों को संभालने में भी सक्षम हो जाएगा.
मिलेगी मजबूती
IFR मंजूरी हिसार एयरपोर्ट के बुनियादी ढांचे के विकास में मील का पत्थर साबित होगी. इससे हवाई जहाजों की उड़ानों की सुरक्षा और विश्वसनीयता बढ़ेगी. एयरपोर्ट पर 24×7 संचालन की तस्वीर साफ हो जाएगी. इससे प्रदेश की क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी. हिसार एयरपोर्ट की यह उपलब्धि हरियाणा को विमानन के नक्शे पर और मजबूत करने की दिशा में निर्णायक भूमिका अदा करेगी.
