रेवाड़ी | हरियाणा के रेवाड़ी जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है. जिला स्वास्थ्य विभाग ने अब निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों के साथ PPP मॉडल के तहत समझौता करने की योजना बनाई है. इस योजना के अंतर्गत, मरीजों को सरकारी खर्च पर ही निजी केंद्रों में अल्ट्रासाउंड कराने की सुविधा मिलेगी. इससे मरीजों को निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों की भारी फीस से राहत मिलेगी.

2 अल्ट्रासाउंड मशीनें
रेवाड़ी के सिविल अस्पताल में कोसली, बावल, जाटूसाना, गुरावड़ा और आसपास के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के मरीज भी अल्ट्रासाउंड कराने के लिए आते है. इसके अलावा अस्पताल में भर्ती मरीजों को भी प्राथमिकता दी जाती है. ऐस में सामान्य मरीजों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है या फिर मजबूरन निजी केंद्रों को हजार से 1200 रुपए देकर अल्ट्रासाउंड कराना पड़ रहा है.
अस्पताल में दो अल्ट्रासाउंड मशीनें होने के बावजूद रेडियोलॉजिस्ट की कमी के कारण रोजाना सीमित जांच ही हो पाती है. ऐसे में कर्ई मरीजों को 3 से 4 महीने बाद की तारीख मिलती है, जिससे उन्हें मजबूरी में निजी केंद्रों का सहारा लेना पड़ता है.
निजी केंद्रों में मिलेगी सुविधा
इस समस्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने निजी केंद्रों को शामिल करने का निर्णय लिया है. इस योजना में रेवाड़ी ही नही, बल्कि कोसली, बावल, नाहड़, जाटूसाना, खोल और मीरपुर क्षेत्रों में संचालित अल्ट्रासाउंड केंद्रों को भी शामिल किया जाएगा. योजना लागू होने के बाद मरीज सरकारी खर्च पर ही निजी केंद्रों में जांच करा सकेंगे. इस पहल का सबसे ज्यादा फायदा गर्भवती महिलाओं और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को होगा. इससे उन्हें 30 से 40 किलोमीटर दूर स्थित नागरिक अस्पताल आने की जरूरत नहीं पड़ेगी, बल्कि नजदीकी केंद्रों पर ही जांच सुविधा मिल जाएंगी. इससे समय की बचत होगी और मरीजों को समय पर जांच सुविधा मिलेगी.