फरीदाबाद | हरियाणा के फरीदाबाद में विकास कार्यों को नई रफ्तार मिलेगी. मुख्यमंत्री नायब सैनी की अध्यक्षता में हुई फरीदाबाद मेट्रो डिवलेपमेंट ऑथोरिटी (FMDA) की मीटिंग में स्मार्ट सिटी के विकास के लिए 988 करोड़ रुपए के बजट को मंजूरी दी गई है. मुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं से लोगों की मूलभूत सुविधाओं में इजाफा होगा और शहर का विकास रफ्तार पकड़ेगा.

इन परियोजनाओं को मंजूरी
सीएम नायब सैनी ने बताया कि प्रतापगढ़, मिर्जापुर और बादशाहपुर के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट को आधुनिक तकनीक से लैस किया जाएगा. इसमें ओजोन, यूवी और फिल्ट्रेशन जैसी तकनीक का इस्तेमाल करते हुए गंदे पानी को साफ कर दोबारा इस्तेमाल किया जा सकेगा. इससे जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा. साथ ही, मीठे पानी की बचत होगी. उन्होंने कहा कि शहरों में पानी का सही इस्तेमाल बहुत जरूरी है इसलिए इस तरह की योजनाएं भविष्य में निर्णायक भूमिका अदा करेगी.
सूरजकुंड क्षेत्र में 42.20 करोड़ रुपये की लागत से नया सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जाएगा. 20 MLD क्षमता वाले इस प्लांट से आसपास के क्षेत्रों में सीवरेज समस्या से निजात मिलेगी और गंदे पानी का बेहतर तरीके से निपटारा हो सकेगा.
मुख्यमंत्री ने बताया कि मल कीचड़ प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए 18 करोड़ रुपए की लागत से मिर्जापुर, बादशाहपुर और प्रतापगढ़ में प्लांट निर्माण की योजना को मंजूरी दी गई है. इससे शहर में स्वच्छता अभियान को मजबूती मिलेगी और गंदगी का सही तरीके से निस्तारण हो सकेगा. पर्यावरण सुधार के साथ- साथ यह योजना स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक बनेगी. शहर की आबादी को साफ व स्वच्छ पेयजलापूर्ति के लिए 21.24 करोड़ रुपए की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है. इसके तहत लगभग 30 MLD पानी को शुद्ध किया जाएगा. इससे लोगों को सुरक्षित पेयजलापूर्ति सुनिश्चित होगी और बीमारियों का खतरा कम होगा.
लोगों को मिलेगी मूलभूत सुविधाएं
उन्होंने बताया कि 98.69 करोड़ रुपए की ड्रेनेज योजना को मंजूरी दी गई है जिससे जलभराव की समस्या से निपटने में मदद मिलेगी. यह योजना 210 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को कवर करेगी. इसमें नालों की सफाई, नई पाइपलाइन और पंपिंग सिस्टम विकसित किए जाएंगे. कई क्षेत्रों में नए डिस्पोजल प्वाइंट भी बनाए जाएंगे. इससे बरसाती सीजन में जलभराव से छुटकारा मिलेगा.
हरियाणा CM ने बताया कि मॉडल NIT क्षेत्र में 67 करोड़ रुपए की लागत से 7.33 किलोमीटर लंबी सड़कों को मॉडल सड़कों के रूप में विकसित किया जाएगा. इसमें फुटपाथ, साइकिल ट्रैक, स्मार्ट लाइटिंग और ट्रैफिक सिग्नल लगाए जाएंगे. इससे ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर होगी और सड़क सुरक्षा बढ़ेगी. यह योजना शहर को आधुनिक स्वरूप देने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है.
दिल्ली बॉर्डर से सेक्टर- 59 तक 18 किलोमीटर लंबा ग्रीन बेल्ट क्षेत्र 26 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जाएगा. इससे शहर में हरियाली बढ़ेगी और वायु गुणवत्ता में सुधार होगा. यह परियोजना पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने में मदद करेगी. मुख्यमंत्री ने सभी परियोजनाओं को तय समय- सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए ताकि लोगों को मूलभूत सुविधाओं का लाभ जल्द से जल्द मिल सके.