पानीपत | हरियाणा के पानीपत जिले में जनता दरबार का आयोजन किया गया था, जिसमें राज्य के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा का एक अलग और सादगी भरा अंदाज देखने को मिला. सेक्टर 13- 17 स्थित भाजपा जिला कार्यालय श्याम कमल में आयोजित कार्यक्रम में मंत्री ने पारंपरिक व्यवस्था से हटकर आम लोगों के बीच जमीन पर बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं. साथ ही, प्रार्थना पत्र भी स्वीकार किए. उनके इस व्यवहार की लोगों ने काफी सराहना की और पूरे क्षेत्र में इसकी चर्चा रही. जनसुनवाई कार्यक्रमों में मंत्री और अधिकारी मंच या कुर्सियों पर बैठकर लोगों की समस्याएं सुनते हैं, लेकिन महिपाल ढांडा ने खुद लोगों के बीच जाकर उनकी शिकायतें सुनीं.

कई स्थानों पर वे जमीन पर उकड़ू बैठकर फरियादियों से बातचीत करते नजर आए. इससे लोगों को अपनी बात सीधे मंत्री तक पहुंचाने का अवसर मिला. जनता दरबार के दौरान शिक्षा मंत्री ने कहा कि अक्सर भीड़ अधिक होने के कारण कई जरूरतमंद लोग अपनी बात नहीं रख पाते और उनकी समस्याएं लंबित रह जाती हैं.
बदलाव करने का निर्णय
ऐसे में उन्होंने व्यवस्था में थोड़ा बदलाव करने का निर्णय लिया. उन्होंने कहा कि अब जो व्यक्ति जहां बैठा होगा वह स्वयं उसके पास जाकर उसकी समस्या सुनेंगे. महिपाल ढांडा ने कहा कि जनप्रतिनिधि का दायित्व आम नागरिक तक पहुंचकर उसकी समस्या को सुनना और समझना है. उनका कहना था कि इस तरीके से समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना संभव हो सकेगा और किसी की शिकायत अनसुनी नहीं रहेगी. जनता दरबार के दौरान बड़ी संख्या में लोग अपनी विभिन्न समस्याएं लेकर पहुंचे. मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को कई मामलों में मौके पर ही आवश्यक निर्देश भी दिए.
भाजपा जिला कार्यालय श्याम कमल पानीपत में आयोजित जनता दरबार में स्वजनों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
आपकी हर समस्या का समाधान ही मेरा कर्तव्य है।#जनतादरबार pic.twitter.com/LfxH9nZTld— MAHIPAL DHANDA :-मोदी का परिवार (@MAHIPALDHANDA1) June 4, 2026
इस मामले में दी प्रतिक्रिया
कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए शिक्षा मंत्री ने हाल ही में इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) नेता अर्जुन चौटाला और एक पुलिस अधिकारी के बीच हुए विवाद पर भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि राजनीति में शालीनता, संयम और धैर्य बेहद जरूरी हैं. जो लोग प्रशासनिक अधिकारियों के साथ अनुचित व्यवहार करते हैं उन्हें सार्वजनिक जीवन में सफलता हासिल करना मुश्किल होता है. उन्होंने आगे कहा कि राजनीति में लंबे समय तक बने रहने और जनता का विश्वास जीतने के लिए मर्यादित आचरण आवश्यक है.