चंडीगढ़ | हरियाणा में मानसून की दस्तक से पहले चंडीगढ़ प्रशासन ने जलभराव और बुनियादी ढांचे से जुड़ी संभावित समस्याओं से निपटने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं. यूटी के चीफ इंजीनियर सी.बी. ओझा की अगुआई में इंजीनियरिंग विभाग की टीमें लगातार फील्ड में सक्रिय हैं और मानसून से संबंधित सभी कार्यों की रोजाना समीक्षा की जा रही है. बारिश शुरू होने से पहले सभी जरूरी काम तय समयसीमा के भीतर पूरे किए जाएं जिससे लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े.

प्रशासन ने जलभराव रोकने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है. शहर के प्रमुख नालों, विशेष रूप से पटियाला की राव की सफाई और गाद निकालने का काम लगातार जारी है. इसके साथ ही, विभिन्न क्षेत्रों में रोड गलियों की सफाई, सड़कों के रखरखाव और पेड़ों की छंटाई जैसे कार्यों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है.
चंडीगढ़ प्रशासन अलर्ट
मानसून शुरू होने से पहले सभी नालों और रोड गलियों की सफाई पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है. कोशिश यह है कि पानी का बहाव कहीं भी बाधित न हो और बारिश के दौरान जलभराव जैसी स्थिति पैदा न होने पाए. शहरी बाढ़ प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए ड्रेनेज सिस्टम को पूरी तरह सुचारू बनाने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है. इस दौरान सड़क दुर्घटनाओं और यातायात बाधित होने की आशंका को देखते हुए पेड़ों की कमजोर और सूखी शाखाओं की छंटाई का काम भी तेजी से चल रहा है. विभागीय अधिकारी इसकी प्रगति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और रोजाना समीक्षा कर रहे हैं.
जरूरी मरम्मत कार्य पूरे
जहां- जहां सड़कें और रोड गलियां क्षतिग्रस्त हैं, वहां मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जा रहा है. मानसून आने से पहले सभी जरूरी मरम्मत कार्य पूरे कर लिए जाएं. प्रशासन के अनुसार, मानसून तैयारियों से जुड़े सभी कार्यों की प्रतिदिन मॉनिटरिंग की जा रही है. फील्ड अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने और प्रगति रिपोर्ट देने के निर्देश जारी किए गए हैं.