करनाल | हरियाणा में सिपाही से हवलदार बनने की प्रक्रिया के तहत होने वाली बी- 1 परीक्षा से पहले रविवार को करनाल मंडल के तीन जिलों के 731 पुलिसकर्मियों का ऑनलाइन मॉक टेस्ट आयोजित किया गया. यह परीक्षा पानीपत जिले के समालखा स्थित पाइट कॉलेज की कंप्यूटर लैब में संपन्न हुई. मॉक टेस्ट का उद्देश्य पुलिसकर्मियों को परीक्षा के प्रारूप से परिचित कराना और मुख्य परीक्षा के लिए बेहतर तैयारी करवाना था. ऑनलाइन मॉक टेस्ट पुलिस महानिरीक्षक करनाल मंडल अशोक कुमार आईपीएस, डीसीपी सोनाक्षी सिंह आईपीएस और अन्य अधिकारियों की निगरानी में आयोजित किया गया.

इसमें पानीपत, करनाल और कैथल से आए पुलिस जवानों ने हिस्सा लिया. हरियाणा पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल आईपीएस के दिशा- निर्देशों के अनुसार करनाल रेंज के पुलिसकर्मियों की बी -1 परीक्षा को लेकर एक विशेष कमेटी का गठन भी किया गया है.
नियमों का पालन
इस विशेष कमेटी की अध्यक्षता पुलिस महानिरीक्षक अशोक कुमार आईपीएस कर रहे हैं जबकि करनाल पुलिस अधीक्षक नरेंद्र बिजारनिया और सोनीपत डीसीपी सोनाक्षी सिंह आईपीएस को सदस्य बनाया गया है. नोडल अधिकारी उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय सतीश वत्स ने बताया कि पुलिस विभाग में सिपाही से हवलदार पद पर पदोन्नति के लिए निर्धारित नियमों का पालन किया जाता है.
हर साल होता है आयोजित
जिन पुलिस सिपाहियों की 5 वर्ष की सेवा पूरी हो जाती है और जिनका सेवा रिकॉर्ड अच्छा होता है उन्हें मुख्य सिपाही पद पर पदोन्नति की प्रक्रिया में शामिल किया जाता है. इसके तहत, ऑनलाइन टेस्ट लिया जाता है जिसे बी- 1 टेस्ट कहा जाता है. उन्होंने बताया कि बी- 1 टेस्ट पदोन्नति की दिशा में पहली और महत्वपूर्ण सीढ़ी है. इसका आयोजन हर साल सभी जिलों में किया जाता है. फाइनल परीक्षा से पहले मॉक टेस्ट इसलिए कराया जाता है ताकि पुलिसकर्मी परीक्षा के प्रारूप को अच्छी तरह समझ सकें और मुख्य परीक्षा के दौरान किसी प्रकार की तकनीकी या प्रक्रिया संबंधी गलती से बच सकें.
मॉक टेस्ट पूरा होने के बाद इसी महीने इन सभी पुलिसकर्मियों का फाइनल टेस्ट आयोजित किया जाएगा. इस प्रक्रिया में ऑनलाइन लिखित परीक्षा के साथ- साथ फिजिकल टेस्ट भी शामिल होगा जिसके आधार पर आगे की पदोन्नति प्रक्रिया पूरी की जाएगी.