नई दिल्ली | भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने डिजिटल पेमेंट्स को और ज्यादा सुरक्षित बनाने के लिए ई- मैंडेट से जुड़े नए नियम जारी कर दिए हैं. इन नियमों को Digital Payment- E- mandante Framework 2026 नाम दिया गया है और इन्हें तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है. इन नए नियमों के तहत अब बार- बार होने वाली ट्रांजेक्शन के लिए अतिरिक्त ऑथेंटिकेशन फेक्टर (AFA) यानि OTP जैसी सुरक्षा प्रकिया को जरूरी किया गया है.

क्या हैं ई- मैंडेट?
ई- मैंडेट एक ऐसी सुविधा है जिसमें ग्राहक पहले से किसी पेमेंट की अनुमति दे देता है जिससे निर्धारित समय पर अपने आप ही पैसे कट जाते हैं. यह रकम फिक्स भी हो सकती है और बदलती हुई भी लेकिन बदलती रकम में अधिकतन लिमिट तय करने का ऑप्शन मिलेगा. प्रत्येक ट्रांजैक्शन पर 15 हजार रुपए तक पेमेंट बिना OTP के हो सकता है. इससे ऊपर की ट्रांजैक्शन पर OTP जरूरी होगा. वहीं, इंश्योरेंस, म्यूजुअल फंड और क्रेडिट कार्ड बिल के लिए 1 लाख रुपये तक बिना OTP पेमेंट की अनुमति होगी.
कैसे होगी पहली ट्रांजैक्शन?
- ई- मैंडेट में अगर आपको बदलाव या उसे बंद करना हो तो उसके लिए AFA यानि OTP जरूरी होगा.
- ग्राहक किसी भी ट्रांजैक्शन को रोक सकता है.
- opt- out की प्रक्रिया भी AFA से वैलिडेट होगी.
- अगर बाते करें पहले ट्रांजैक्शन की तो ये हमेशा AFA के साथ ही होगा.
- अगर रजिस्ट्रेशन के समय ही पेमेंट होता है तो दोनों प्रक्रिया एक साथ पूरी की जा सकती है.
- FASTag और नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (NCMC) के बैलेंस को अपने- आप फिर से भरने के लिए रजिस्टर किए गए ई- मैंडेट के लिए लेन- देन से पहले की सूचना की जरूरत नहीं है.