महेंद्रगढ़ | भीषण गर्मी के बीच हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है. बता दें कि यहां लंबे समय से पानी की समस्या से जूझ रहे लोगों को जल्द ही नहर का पानी मिलने वाला है. जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार देवास जल परियोजनाओं के तहत आने 4 बड़े टैंकरों में से 2 पूरी तरह से खाली हो चुके थे, परंतु नहर आने के बाद इन टैंकरों को भरना शुरू कर दिया गया है. उम्मीद है कि एक सप्ताह के अंदर टैंकर भर जाएंगे, जिसके बाद से शहर और ग्रामीण क्षेत्रों को भरपूर पानी मिलेगा.

लगभग 70 लाख लीटर पानी की जरूरत
महेंद्रगढ़ शहर की आबादी लगभग 50 हजार से अधिक है, जहां प्रतिदिन लगभग 70 लाख लीटर पानी की खपत होती है. देवास परियोजना की कुल क्षमता 24 करोड़ लीटर है, जो एक महीने की जल आपूर्ति के लिए पर्याप्त है, हालांकि नहरी पानी महीने में केवल 15 दिन मिलने के कारण विभाग को भंडारण और वितरण में तालमेल बनाए रखना पड़ता है. पिछले कुछ दिनों नहर बंद होने के कारण विभाग को शहर में पानी की कटौती करनी पड़ी, जिससे लोगों को गर्मी के बीच परेशानी हुई.
इन इलाकों को मिलेगा लाभ
पहले चरण में NB- 2 से जुड़ी नहरों के माध्यम से राजावास, छाजियावास, जाटवास, डैरोली अहीर, ऊंची भांडोर, नीची भांडोर, देवनगर, बेरी, खेड़की, निहालावास, सिगड़ी, झुक, बुचावास, मालड़ा बास, नांगल हरनाथ, चितलांग और बुचौली सहित कई जलघरों में पानी पहुंचता है और राजावास स्थित जलघर से सतनाली क्षेत्र के 25 गांवों और ढाणियों के लोगों को पानी मिलता है. इस बार नहर में करीब आठ सौ क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, इससे जोहड़ों और तालाबों में भी पानी की व्यवस्था की जाएगी, जिससे पशुओं, पक्षियों और अन्य जानवरों को भी पानी मिल सकेगा.
विभाग ने लोगों से अपील की है कि पानी का सदुपयोग करें और पानी के अनावश्यक खर्च से बचे ताकि पानी की कटौती की समस्या ना आए. फिलहाल, नहरी पानी टैंकरों में पहुंच गया है, जिससे 15 से 20 दिन तक पानी की सप्लाई नियमित तौर पर होगी. भविष्य में बढ़ती आबादी और पानी आपूर्ति को देखते हुए इसका उपयोग संयम से करें.