सिरसा | हरियाणा में मछली पालन व्यवसाय की योजना बना रहे किसानों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है. जिला मत्स्य अधिकारी सुरेंद्र ठकराल ने किसान जागरूकता शिविर को संबोधित करते हुए बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा मछली पालन व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत 40 से 60% तक वित्तीय सहायता राशि का लाभ दिया जा रहा है. इस व्यवसाय को शुरू कर किसान अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत बना सकते हैं.

60% तक मिलेगी सब्सिडी
उन्होंने बताया कि मछली पालन व्यवसाय उन लोगों के लिए फायदेमंद साबित होगा जिनकी जमीन पर बारिश के पानी का ठहराव रहता है, बंजर भूमि हैं या फिर जमीन के नीचे का पानी खारा है. ऐसे क्षेत्रों के किसानों के लिए मछली पालन व्यवसाय एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है. उन्होंने बताया कि झींगा मछली पालन व्यवसाय से किसान प्रति एकड़ 5 लाख रुपए तक आमदनी अर्जित कर सकते हैं.
सुरेन्द्र ठकराल ने बताया कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत अनूसूचित जाति एवं महिला वर्ग के मछली पालकों को 60% अनुदान तथा जनरल व OBC श्रेणी के मछली पालकों को 40% अनुदान राशि दी जाएगी. इच्छुक प्रार्थी निजी भूमि या पट्टे पर भूमि लेकर मछली पालन, मछली फीड हेचरी, तालाब निर्माण, बायोफेलक, आरएएस, फीड मिल, कोल्ड स्टोरेज आदि स्थापित करने पर विभाग से वित्तीय व तकनीकी सहायता प्राप्त कर सकते हैं.
मिट्टी- पानी की कराएं जांच
उन्होंने बताया कि मछली पालन व्यवसाय शुरू करने से पहले ट्रैनिंग अवश्य लें और मिट्टी व पानी की जांच अवश्य करवाएं ताकि इकाई सफलतापूर्वक संचालित हो सकें. पारंपरिक खेती की बजाय बागवानी और ऑर्गेनिक खेती, मछली पालन व पशुपालन व्यवसाय आदि के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है ताकि कम लागत में अधिक मुनाफा कमाकर किसानों को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने में मदद मिल सके.