नई दिल्ली | आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को प्रेसवार्ता कर अयोध्या रामलला मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर भाजपा पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में हो रही जांच केवल खानापूर्ति है और बड़े लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है.

केजरीवाल ने कहा कि जांच के नाम पर केवल औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं. साथ ही, मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हो रही और पूरे प्रकरण पर लीपापोती की जा रही है. उन्होंने कहा कि इस मामले में आठ छोटे कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया, लेकिन पुलिस ने उनकी कस्टडी तक नहीं मांगी.
अयोध्या मंदिर विवाद
उन्हें सीधे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. केजरीवाल के मुताबिक, यदि मामले की गंभीरता से जांच करनी होती तो पुलिस आरोपियों से पूछताछ के लिए कस्टडी की मांग करती. आप प्रमुख ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में बड़े जिम्मेदार लोगों को बचाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि केवल निचले स्तर के लोगों पर कार्रवाई कर असली जिम्मेदारों से ध्यान हटाने की कोशिश की जा रही है. प्रेसवार्ता के दौरान केजरीवाल ने अयोध्या राम मंदिर निर्माण और मंदिर के लिए जमीन खरीद से जुड़े मामलों का भी जिक्र किया. उन्होंने इन मामलों में भी भ्रष्टाचार के आरोप दोहराते हुए केंद्र सरकार से जवाब मांगा.
श्री राम मंदिर में इतने बड़े-बड़े घोटाले हो गए.. मोदी जी, आपको पता कैसे नहीं चला?
सच तो ये है कि आपको सब कुछ पता था, लेकिन आप धृतराष्ट्र बने रहे। और जब देश के सामने सच आने लगा, तो आपने लोगों की आँखों में धूल झोंकने के लिए फर्जी SIT बना दी।
ये चल क्या रहा है प्रधानमंत्री जी? pic.twitter.com/DRXHEKxeeA
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) July 2, 2026
केजरीवाल का हमला
उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने अपने पदों से इस्तीफा दिया है, उनके बारे में भी कहा जा रहा है कि वे आज भी मंदिर के कामकाज से जुड़े हुए हैं. ऐसे में यह स्पष्ट होना चाहिए कि वास्तविक जिम्मेदारी किसकी है और कार्रवाई किन लोगों पर की जा रही है. केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी सवाल पूछते हुए कहा कि आखिर किसे बचाया जा रहा है और क्यों बचाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि यह मामला करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. उनके अनुसार, यदि पूरे मामले की पारदर्शी जांच नहीं हुई तो लोगों का विश्वास प्रभावित होगा.