जींद | जिले के जुलाना में मंगलवार को राष्ट्रीय मानवाधिकार टीम ने विभिन्न संस्थानों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया. टीम ने पौली गांव की आंगनबाड़ी, जुलाना पुलिस थाना और एक वृद्धाश्रम का दौरा किया. निरीक्षण के दौरान कई कमियां सामने आने पर संबंधित अधिकारियों को जल्द सुधार करने और नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए. स्पेशल मॉनिटर ऑफ चाइल्ड एवं सीनियर सिटीजन वेलफेयर अधिकारी बालकिशन गोयल के नेतृत्व में टीम ने सबसे पहले पौली गांव की आंगनबाड़ी का निरीक्षण किया.

यहां बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं, पोषण व्यवस्था, साफ- सफाई और रिकॉर्ड का विस्तार से अवलोकन किया गया. टीम ने व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए आवश्यक सुधार के निर्देश दिए.
जींद में मानवाधिकार टीम
टीम जुलाना पुलिस थाना पहुंची जहां पुलिस व्यवस्था और मूलभूत सुविधाओं का निरीक्षण किया गया. अधिकारियों से थाने में लगे सीसीटीवी कैमरों की स्थिति और भवन संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी ली गई. इसी दौरान करसोला गांव से मारपीट के मामले में पहुंचे कुछ लोगों ने टीम को बताया कि उन्हें थाने में दो से तीन घंटे तक बैठाए रखा गया. इस शिकायत पर टीम ने मौके पर मौजूद डीएसपी को निर्देश दिए कि फरियादियों को अनावश्यक रूप से लंबे समय तक इंतजार न कराया जाए.
व्यवस्थाओं पर उठे सवाल
निरीक्षण के दौरान टीम ने क्षेत्र के एक वृद्धाश्रम का भी दौरा किया. यहां कई गंभीर कमियां सामने आईं. टीम को वृद्धाश्रम में रह रहे बुजुर्गों का कोई व्यवस्थित रिकॉर्ड नहीं मिला. उनके नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार की पर्याप्त व्यवस्था भी नहीं पाई गई. निरीक्षण में यह भी सामने आया कि कुछ कमियां लापरवाही के कारण थीं जबकि कुछ नियमों की जानकारी के अभाव में बनी हुई थीं. बालकिशन गोयल ने कहा कि बच्चों और बुजुर्गों से जुड़े संस्थानों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी. उन्होंने संबंधित प्रबंधन और अधिकारियों को निर्धारित समय के भीतर सभी कमियों को दूर करने, आवश्यक रिकॉर्ड संधारित करने तथा स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़े सभी नियमों का पूरी तरह पालन करने के निर्देश दिए.