नई दिल्ली | भारत में इस बार मानसून की रफ्तार उम्मीद से कमजोर रही है. शनिवार तक देशभर में सामान्य से 43% कम बारिश दर्ज की गई है. मौसम विभाग का अनुमान है कि जुलाई में मानसून पूरे देश को कवर कर लेगा, लेकिन पूरे सीजन में बारिश सामान्य से 10% से अधिक कम रहने की आशंका बनी हुई है. इसकी बड़ी वजह एल नीनो का प्रभाव और भारतीय महासागर डाइपोल (IOD) का तटस्थ बने रहना माना जा रहा है. मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, एल नीनो आमतौर पर भारत में मानसून को कमजोर करता है.

कई बार पॉजिटिव IOD इसके असर को कम कर देता है और बारिश सामान्य के करीब पहुंच जाती है. वर्ष 2023 में ऐसा ही देखने को मिला था, जब मजबूत एल नीनो के बावजूद पॉजिटिव IOD की वजह से देश में लगभग सामान्य बारिश हुई थी. इस बार IOD तटस्थ है जिससे मानसून को अतिरिक्त मजबूती मिलने की संभावना नहीं है.
एल नीनो का बढ़ा असर
मौसम मिशन कूपल्ड फोरकास्ट सिस्टम (MMCFS) के पूर्वानुमान के मुताबिक, पूरे दक्षिण- पश्चिम मानसून सीजन के दौरान IOD के तटस्थ रहने की संभावना है. ऐसे में एल नीनो का प्रभाव अधिक देखने को मिल सकता है. IMD पहले ही जून से सितंबर के मानसून सीजन के लिए सामान्य से कम बारिश का अनुमान जता चुका है. करीब 60% संभावना है कि इस बार मानसून में 10% से ज्यादा बारिश की कमी दर्ज होगी जिससे कई क्षेत्रों में सूखे जैसी स्थिति बनने का खतरा बढ़ सकता है. बारिश की कमी का असर कई राज्यों में साफ दिखाई दे रहा है. 1 जून से 27 जून के बीच मेघालय में सबसे अधिक 82% बारिश की कमी दर्ज की गई.
मानसून पड़ा कमजोर
गुजरात में 79%, मणिपुर में 71%, छत्तीसगढ़ में 68%, झारखंड में 66%, महाराष्ट्र में 59%, उत्तर प्रदेश में 56%, ओडिशा में 52% और बिहार में 50% कम बारिश रिकॉर्ड की गई. मध्य प्रदेश में भी 41% बारिश की कमी दर्ज हुई है, जो कृषि के लिहाज से चिंता का विषय मानी जा रही है. दक्षिण भारत में आंध्र प्रदेश को छोड़कर कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और तेलंगाना में भी 30% से अधिक बारिश की कमी बनी हुई है. चार प्रमुख मौसम क्षेत्रों में मध्य भारत सबसे अधिक प्रभावित रहा है, जहां 57% कम बारिश हुई. पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में 44%, दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में 30% और उत्तर- पश्चिम भारत में 27% बारिश की कमी दर्ज की गई है.
बारिश का भारी घाटा
उधर, राजधानी दिल्ली में भी उमस भरी गर्मी लोगों की परेशानी बढ़ा रही है. शनिवार दोपहर 2:30 बजे ‘फील्स लाइक’ तापमान 51.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस सीजन का सबसे अधिक स्तर रहा. अधिकतम तापमान 41.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4 डिग्री अधिक था. मौसम विभाग के अनुसार, अधिक नमी के कारण गर्मी का अहसास और ज्यादा बढ़ गया. यदि आने वाले दिनों में IOD की स्थिति नहीं बदलती, तो एल नीनो का असर कृषि, जलाशयों और अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है.