हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, चौथी से 8वीं तक फेल छात्रों को नहीं मिलेगा प्रमोशन

चंडीगढ़ | हरियाणा सरकार सरकारी स्कूलों में पढ़ाई और विद्यार्थियों पर नजर रखने के लिए परीक्षा प्रणाली में बड़ा बदलाव करने जा रही है. प्रस्तावित व्यवस्था के तहत चौथी से 8वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों की अब हर 6 महीने की बजाय प्रत्येक 3 महीने में परीक्षा होगी. जुलाई, अक्टूबर और जनवरी में त्रैमासिक परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी. इसके बाद, वार्षिक परीक्षा होगी. नई व्यवस्था लागू होने पर चौथी से 8वीं तक के विद्यार्थियों को परीक्षा में असफल रहने पर अगली कक्षा में स्वत: प्रमोट नहीं किया जाएगा.

School Student

अब तक 8वीं तक नो- डिटेंशन नीति के तहत किसी भी छात्र को फेल नहीं किया जाता था लेकिन नए मॉडल में वार्षिक परीक्षा में असफल रहने वाले विद्यार्थियों को रोका जा सकेगा.

हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला

स्कूल स्तर पर होने वाली त्रैमासिक परीक्षाओं के प्रश्न-पत्र शिक्षा विभाग तैयार करेगा. इन परीक्षाओं के परिणाम के आधार पर विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता और शैक्षणिक प्रगति का नियमित मूल्यांकन किया जाएगा. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देश के बाद स्कूल शिक्षा विभाग इस योजना का प्रारूप तैयार कर रहा है. अंतिम मंजूरी मिलने के बाद विस्तृत अधिसूचना जारी की जाएगी. पूरे साल नियमित मूल्यांकन से कमजोर विद्यार्थियों की समय रहते पहचान हो सकेगी और उन्हें अतिरिक्त शैक्षणिक सहायता देकर बेहतर प्रदर्शन के लिए तैयार किया जा सकेगा.

फेल छात्रों को नहीं मिलेगा प्रमोशन

विभाग के अनुसार, वर्तमान में 8वीं के बाद करीब 16 प्रतिशत विद्यार्थी पढ़ाई छोड़ देते हैं, जबकि केवल 84 प्रतिशत छात्र ही 9वीं में प्रवेश लेते हैं. विद्यार्थियों के साथ- साथ शिक्षकों का भी प्रदर्शन रिकॉर्ड किया जाएगा. किस शिक्षक के कितने विद्यार्थियों ने अच्छा प्रदर्शन किया और किन छात्रों को अतिरिक्त मदद की जरूरत है इसका पूरा आकलन होगा. बेहतर परिणाम देने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा जबकि कमजोर प्रदर्शन वाले विद्यार्थियों के लिए संबंधित शिक्षक को विशेष शैक्षणिक सहयोग देना होगा. इसके अलावा, उत्तर पुस्तिकाओं की क्रॉस चेकिंग भी होगी. सभी कॉपियां स्कूलों में सुरक्षित रखी जाएंगी और विभागीय टीमें कभी भी औचक निरीक्षण कर विद्यार्थियों से उत्तर पुस्तिका के आधार पर सवाल पूछ सकेंगी.

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PTM भी अनिवार्य

यदि छात्र संतोषजनक जवाब नहीं दे पाता है तो संबंधित स्कूल की रिपोर्ट तैयार की जाएगी. हर त्रैमासिक परीक्षा के बाद अभिभावक- शिक्षक बैठक (PTM) आयोजित होगी, जिसमें बच्चों के अंक, कमजोर विषय और सुधार के उपायों की जानकारी अभिभावकों को दी जाएगी. पहली से तीसरी कक्षा तक निपुण भारत मिशन के तहत पहले से ही हर तीन महीने में शैक्षणिक आकलन किया जा रहा है. हालांकि, वहां बच्चों को फेल नहीं किया जाता.

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Sanjukta Pandit
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मेरा नाम संयुक्ता पंडित है. मै हरियाणा ई खबर में बतौर एडिटर के पोस्ट पर लगभग 4 सालों से काम रही हूँ. मेरी हमेशा कोशिश रहती है आप लोगो तक ब्रेकिंग न्यूज़ जल्द से जल्द अपडेट करूं और न्यूज़ में कोई व्याकरण की गलती न हो.