गुरुग्राम | हरियाणा के पर्यटन एवं सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में राज्य सरकार पर्यटन क्षेत्र को नई दिशा देने और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में सिंधु- सरस्वती सभ्यता, धार्मिक, प्राकृतिक, ऐतिहासिक और आधुनिक पर्यटन स्थलों का तेजी से विकास किया जा रहा है. डॉ. शर्मा ने ये बातें गुरुग्राम में आयोजित दैनिक जागरण के ‘विमर्श’ कार्यक्रम में कहीं. उन्होंने कहा कि राखीगढ़ी दुनिया की सबसे प्राचीन और बड़ी सभ्यताओं में से एक है, जिसकी विरासत करीब सात हजार वर्ष पुरानी मानी जाती है.

आदि बद्री से पिहोवा तक सरस्वती नदी के पुनर्जीवन का कार्य भी किया गया है. पुरातात्विक खुदाई में मिली जल निकासी व्यवस्था, स्नान प्रणाली और पहिए के शुरुआती प्रमाण भारत की समृद्ध और उन्नत प्राचीन सभ्यता को दर्शाते हैं. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस धरोहर को वैश्विक पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है.
बदलेगी तस्वीर
धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए मंत्री ने कहा कि कुरुक्षेत्र, ज्योतिसर और ब्रह्मसरोवर सनातन संस्कृति के प्रमुख केंद्र हैं. अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में हर साल देश- विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं. इसके अलावा, 48 कोस क्षेत्र के विकास, बाबा बंदा सिंह बहादुर और गुरु रविदास से जुड़े स्मृति स्थलों के निर्माण पर भी काम किया जा रहा है. डॉ. शर्मा ने बताया कि मोरनी हिल, पिंजौर गार्डन (यादविंद्र गार्डन), ढोसी हिल और टिक्कर ताल जैसे प्राकृतिक पर्यटन स्थलों का भी विकास किया जा रहा है. पिंजौर गार्डन अब वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में भी लोकप्रिय हो रहा है जबकि ढोसी हिल पर पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं.
रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
उन्होंने कहा कि बड़खल झील, नारनौल जलमहल और नूंह के चोर गुम्बद समेत कई ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण और सौंदर्यीकरण पर 102 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए हैं. सरकार का उद्देश्य हर जिले को उसकी अलग पर्यटन पहचान देना है. इसी दिशा में पंचकूला, पिंजौर और खरखौदा में अंतरराष्ट्रीय स्तर की MICE सुविधाएं, राई में 100 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली एथनिक इंडिया परियोजना, एम्यूजमेंट पार्क और थीम पार्क विकसित किए जा रहे हैं. मेडिकल और वेलनेस टूरिज्म को भी बढ़ावा दिया जा रहा है. पर्यटन मंत्री ने कहा कि हथनीकुंड बैराज, सुल्तानपुर और भिंडावास झील जैसे स्थलों पर चरणबद्ध तरीके से टूरिस्ट कॉम्प्लेक्स, गेस्ट हाउस और अन्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी इसलिए सरकार निजी क्षेत्र की भागीदारी को भी प्रोत्साहित कर रही है.
आदरणीय केंद्रीय मंत्री श्री @mlkhattar जी की विशेष उपस्थिति में आज चंडीगढ़ में आयोजित “हरियाणा सुपर-100” अभिनंदन समारोह में प्रदेश के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सम्मानित कर उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी।
हरियाणा सुपर-100 की शुरुआत इस विश्वास के साथ हुई थी कि… pic.twitter.com/HE9v9MTMII
— Nayab Saini (@NayabSainiBJP) July 2, 2026
यह लोग हुए शामिल
जेल सुधारों पर पूछे गए सवाल के जवाब में डॉ. शर्मा ने बताया कि राज्य सरकार जेलों की सुरक्षा को हाईटेक बनाने, सीसीटीवी निगरानी बढ़ाने और रेवाड़ी व चरखी दादरी में नई जेलें बनाने की दिशा में भी काम कर रही है. साथ ही बंदियों के स्किल डेवलपमेंट और पुनर्वास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य पर्यटन के माध्यम से स्थानीय रोजगार बढ़ाना, आर्थिक गतिविधियों को मजबूती देना और हरियाणा की सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाना है. गुरुग्राम के सेक्टर- 26 स्थित ली मेरिडियन होटल में आयोजित ‘जागरण विमर्श’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, कई मंत्री, विपक्ष के नेता और NCR के गणमान्य लोग भी शामिल हुए.