नई दिल्ली | देशभर के पेंशनरों और बुजुर्गों के लिए राहत की खबर है. डाकघर या इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक (IPPB) की डोरस्टेप बैंकिंग सेवा का लाभ लेते समय अगर फिंगरप्रिंट मैच नहीं होता है, तो भी पेंशनरों को परेशान होने की जरूरत नहीं होगी. बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन फेल होने की स्थिति में अब फेस ऑथेंटिकेशन और OTP वेरिफिकेशन जैसी वैकल्पिक व्यवस्थाओं से पहचान सत्यापित की जा सकेगी.

एक रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले तीन वर्षों में बायोमेट्रिक फेलियर रेट 32.7% से घटकर 10.9% रह गई है. इससे बुजुर्गों और पेंशनरों के लिए घर बैठे बैंकिंग सेवाओं का लाभ लेना आसान हुआ है.
पोस्ट ऑफिस नेटवर्क
देशभर में 1.64 लाख से अधिक पोस्ट ऑफिस में IPPB की बैंकिंग सेवाएं सक्रिय हैं. इनमें 1.39 लाख से ज्यादा केंद्र ग्रामीण क्षेत्रों में हैं. इसके चलते दूर-दराज के गांवों में रहने वाले पेंशनरों तक भी बैंकिंग और पेंशन से जुड़ी सुविधाएं पहुंच रही हैं. चलने- फिरने में असमर्थ या अधिक उम्र के पेंशनरों के घर पोस्टमैन या ग्रामीण डाक सेवक पहुंचकर कैश डिलीवरी कर सकते हैं. इसके लिए बुजुर्ग नजदीकी पोस्ट ऑफिस, डाकिया या IPPB मोबाइल ऐप के जरिए रिक्वेस्ट दर्ज करा सकते हैं.
डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट
पेंशनरों को हर साल जीवन प्रमाण पत्र जमा करने के लिए बैंक या सरकारी कार्यालय जाने की जरूरत नहीं है. डाकिया घर पर ही बायोमेट्रिक या फेस स्कैन के जरिए डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट तैयार कर सकता है. आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम (AePS) के जरिए पेंशनर PNB, SBI या किसी अन्य बैंक खाते से घर बैठे नकदी निकाल सकते हैं. सत्यापन बायोमेट्रिक, फेस स्कैन या मोबाइल OTP से किया जा सकता है. इससे बुजुर्गों को बैंक जाने और लंबी कागजी कार्रवाई से राहत मिलती है.