नई दिल्ली | राजधानी दिल्ली में डेंगू के खतरनाक डेनवी-2 स्ट्रेन के मरीजों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन मच्छरों की रोकथाम को लेकर एमसीडी की सक्रियता कम होती दिखाई दे रही है. मच्छररोधी दवाओं के छिड़काव और घर-घर जांच के आंकड़े पिछले साल के मुकाबले काफी नीचे हैं. इससे मच्छरों के पनपने और डेंगू का खतरा बढ़ने की चिंता जताई जा रही है.

जन स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 1 जनवरी से 8 अगस्त 2026 तक एमसीडी ने 2,75,767 घरों में मच्छररोधी दवाओं का छिड़काव किया. वहीं, 1 जनवरी से 9 अगस्त 2025 तक 7,03,793 घरों में स्प्रे हुआ था. इस तरह इस साल करीब 4.28 लाख कम घरों में छिड़काव हुआ, यानी इसमें करीब 61 प्रतिशत की कमी आई.
घटे घर- घर निरीक्षण
मच्छरों के प्रजनन की जांच के लिए किए जाने वाले डोर-टू-डोर निरीक्षण में भी कमी आई है. इस वर्ष अब तक 2,32,08,873 घरों और अन्य संपत्तियों का निरीक्षण किया गया, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 2,53,19,526 था. यानी निरीक्षण करीब 21.11 लाख कम हुए और इसमें 8.3 प्रतिशत की गिरावट आई. इस साल 82,870 घरों में मच्छरों का प्रजनन पाया गया, जबकि 2025 में ऐसे 1,14,451 मामले सामने आए थे. कानूनी नोटिस की संख्या भी 85,135 से घटकर 69,203 रह गई. वहीं, अभियोजन की कार्रवाई 16,384 से घटकर 6,544 और चालान 4,023 से घटकर 2,313 रह गए.
काम भी कम
मच्छरों के लार्वा को नियंत्रित करने के लिए जलाशयों में गंबूजिया मछली डाली जाती है. पिछले साल 287 स्थानों पर यह मछली डाली गई थी, जबकि इस साल संख्या घटकर 229 रह गई है. दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डा. पंकज सिंह के अनुसार, 8 अगस्त तक इस साल डेंगू के 1,179 मरीज सामने आए हैं. यह आंकड़ा पिछले वर्षों की तुलना में काफी अधिक है. 2022 में इसी अवधि में 174, 2023 में 348, 2024 में 322 और 2025 में 315 मरीज मिले थे. बता दें कि मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम की जिम्मेदारी निगम स्वास्थ्य अधिकारी-1 डॉ. अशोक कुमार रावत और निगम स्वास्थ्य अधिकारी-2 डॉ. लल्लन वर्मा के पास है.