चंडीगढ़ | हरियाणा में सरकारी राशन डिपो से सरसों का तेल लेने वाले बीपीएल परिवारों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। प्रदेश में सरसों तेल वितरण की व्यवस्था में बदलाव के बाद मासिक आवंटन में भारी कमी आई है। नई व्यवस्था के तहत अब परिवार के सदस्यों की संख्या के आधार पर तेल की मात्रा निर्धारित की जा रही है। इस बदलाव को लेकर राशन डिपो संचालकों ने भी सवाल उठाए हैं। बता दें कि हरियाणा में कुल 39,43,192 बीपीएल परिवार पंजीकृत हैं।

पहले इन परिवारों को हर महीने दो लीटर सरसों तेल देने के हिसाब से 78,86,384 लीटर तेल की जरूरत पड़ती थी। नई व्यवस्था के तहत अक्टूबर महीने के लिए 36,45,426 लीटर तेल आवंटित किया गया है। इस तरह प्रदेश में सरसों तेल का कुल मासिक आवंटन करीब 54 प्रतिशत घट गया है।
पुओं पर पहुंचेगा तेल
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने राशन डिपुओं पर 20 से 25 अक्टूबर के बीच सरसों तेल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। सभी जिलों को राशनकार्डों की संख्या और निर्धारित पारिवारिक श्रेणियों के अनुसार तेल आवंटित किया गया है। इसके आधार पर लाभार्थियों को तेल वितरित किया जाएगा।
संचालकों ने जताई चिंता
इसी बीच ऑल राशन डिपो होल्डर वेलफेयर एसोसिएशन ने नई व्यवस्था पर चिंता जताई है। एसोसिएशन के मीडिया प्रभारी गुरतेज सिंह सोढ़ी का कहना है कि परिवार के सदस्यों के हिसाब से तेल की अलग-अलग मात्रा तय होने से वितरण के दौरान परेशानी आ सकती है। इससे डिपो संचालकों के साथ लाभार्थियों को भी दिक्कत हो सकती है।
समान तेल देने की मांग
एसोसिएशन ने प्रदेश सरकार से व्यवस्था पर दोबारा विचार करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि सभी बीपीएल राशनकार्ड धारकों को समान मात्रा में सरसों तेल मिलना चाहिए। इसके लिए प्रत्येक राशनकार्ड पर पहले की तरह दो लीटर या कम से कम 1 लीटर तेल उपलब्ध कराने का सजेस्ट किया गया है।