नई दिल्ली | CBSE बोर्ड की कक्षा 12वीं की वार्षिक परीक्षा परिणाम का इंतजार कर रहे स्टूडेंट्स के लिए एक अच्छी खबर है. बताया जा रहा है कि इस महीने के आखिर या फिर अगले महीने के पहले सप्ताह में परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया जाएगा. वहीं, रिजल्ट घोषित होने की घड़ी नजदीक आते ही छात्र और अभिभावक यह जानने को उत्सुक हैं कि इस बार उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कैसे हुआ है और नंबर किस आधार पर दिए गए हैं.

डिजिटल तरीके से हुई जांच
इस बार CBSE ने मूल्यांकन की पारम्परिक पद्धति को पीछे छोड़ते हुए एक क्रांतिकारी कदम उठाया है. बोर्ड द्वारा इस साल ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम को पूरी तरह से लागू किया गया है. इसका मतलब है कि अब टीचरों ने लाल पेन लेकर कागजों पर नंबर नहीं चढ़ाएं है बल्कि कम्प्यूटर स्क्रीन पर आपकी उत्तर पुस्तिकाओं को डिजिटल तरीके से जांचा है. इस तरीके से मूल्यांकन पर रिजल्ट 100% सटीक बैठता है और मानवीय चूक की गुंजाइश लगभग खत्म हो जाती है.
परीक्षा समाप्त होने के बाद सभी उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन करके एक एन्क्रिप्टेड (पूरी तरह सुरक्षित) डिजिटल सर्वर पर अपलोड कर दिया गया. इसके बाद, शिक्षकों ने अपनी लॉग-इन आईडी का इस्तेमाल कर अपने ही स्कूलों में बैठकर इन उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया है. इसका सबसे बड़ा फायदा समय की बचत के रूप में सामने आया है.
क्या हैं पास होने का गणित?
न्यूनतम अंक: छात्र को मुख्य या कंपार्टमेंट परीक्षा के सभी पांच विषयों में कम से कम 33% अंक प्राप्त करने होंगे.
थ्योरी और प्रैक्टिकल: जिन विषयों में प्रैक्टिकल परीक्षा शामिल है, उनमें छात्र को थ्योरी और प्रैक्टिकल, दोनों में अलग अलग 33% अंक लाने अनिवार्य हैं. इसके साथ ही कुल मिलाकर (एग्रीगेट) भी 33% का आंकड़ा छूना होगा.
ग्रेडिंग: क्वालीफाई करने के लिए छात्र का ग्रेड E से ऊपर होना चाहिए.
ग्रेस मार्क्स की नीतियां
अक्सर स्टूडेंट्स ग्रेस मार्क्स को लेकर उलझन में रहते हैं. बता दें कि CBSE की नीति के अनुसार यदि कोई स्टूडेंट बेहद मामूली अंतर से पास होने से रह जाता है या फिर प्रश्न-पत्र में कोई त्रुटी पाई जाती है तो परीक्षकों के पास ग्रेस मार्क्स देने का अधिकार होता है. यह व्यवस्था इसलिए की गई है कि कठिन पेपर या तकनीकी गलती का खामियाजा स्टूडेंट्स को न भुगतना पड़े.
बोर्ड ने कहा है कि स्टूडेंट्स को घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि केवल उत्तर पुस्तिकाओं को जांच करने के तरीके में बदलाव हुआ है, नंबर देने के नियम और विषयों का वेटेज पहले जैसा ही है. स्टूडेंट्स अपना रिजल्ट CBSE की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकेंगे.