चंडीगढ़ | हरियाणा के गांवों में पशुपालन करने वाले परिवारों को अपने पशुओं की देखभाल और चारे की व्यवस्था के लिए काफी मेहनत करनी पड़ती है। कई बार पशुओं को दिनभर रखने और खुले में घूमने के लिए पर्याप्त जगह भी नहीं मिलती। अब प्रदेश सरकार ऐसी व्यवस्था बनाने की तैयारी कर रही है, जहां पशु दिन में रह सकेंगे और शाम को पशुपालक उन्हें वापस घर ले जा सकेंगे।

हरियाणा सरकार ने पंचायती जमीन पर डे-बोर्डिंग पशु हॉस्टल खोलने के प्रस्ताव पर काम शुरू कर दिया है। इन हॉस्टलों में चारदीवारी के भीतर पशुओं के घूमने की व्यवस्था होगी। पशुपालक सुबह अपने पशुओं को यहां छोड़ सकेंगे और रात में घर ले जा सकेंगे।
उन्नत चारे की व्यवस्था
पशुपालन एवं डेयरी मंत्री श्याम सिंह राणा ने बुधवार को अधिकारियों के साथ बैठक कर दुधारू पशुओं के लिए अच्छी गुणवत्ता वाले चारे के बीज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। वहीं, पशुपालकों को प्राकृतिक और जैविक खाद की मदद से चारा तैयार करने के लिए प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया गया। मंत्री ने रासायनिक खाद और दवाइयों के इस्तेमाल से तैयार चारे की गुणवत्ता को लेकर चिंता जताई। उन्होंने दूध की गुणवत्ता बेहतर बनाने के लिए जरूरत पड़ने पर नई नीति तैयार करने की संभावनाएं तलाशने को कहा।
डेयरी पर सब्सिडी की तैयारी
प्रदेश में देसी गायों की डेयरी खोलने वाले किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए सब्सिडी योजना तैयार करने पर भी विचार किया जा रहा है। इसके अलावा, गोमूत्र से तैयार जीवामृत का प्राकृतिक खेती में इस्तेमाल बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। इस बैठक में लुवास विश्वविद्यालय, पशुधन विकास बोर्ड और हरियाणा गोसेवा आयोग के प्रतिनिधियों ने भी सुझाव दिए। फिलहाल, पशु हॉस्टल और देसी गाय डेयरी सब्सिडी से जुड़े प्रस्तावों पर काम चल रहा है। इनके लागू होने की तारीख और विस्तृत नियम अभी घोषित नहीं किए गए हैं।