चंडीगढ़ | जमीन, नौकरी और विदेश जाने के सपने से जुड़ी योजनाओं में लोगों को अक्सर धोखाधड़ी का सामना करना पड़ता है। खासकर ट्रैवल एजेंट विदेश भेजने के नाम पर फर्जी लोगों से मोटी रकम वसूल लेते हैं। वहीं, जमीन मालिकों और रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े लोगों के लिए भी हरियाणा सरकार ने कई अहम फैसले लिए हैं। बता दें कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में सात प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

इनमें नई भूमि पूलिंग नीति, ट्रैवल एजेंटों का डिजिटल रजिस्ट्रेशन और सरकारी भर्तियों से जुड़े बदलाव शामिल हैं। इसके अलावा, 26 नवंबर को संविधान दिवस पर विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाने का फैसला हुआ।
मिलेगा 50% हिस्सा
नई भूमि पूलिंग नीति 2022 की पुरानी नीति की जगह लेगी। इसके तहत विकसित बिक्री योग्य जमीन का 50 प्रतिशत हिस्सा जमीन मालिकों और बाकी 50 प्रतिशत विकास संगठन को मिलेगा। मालिकों को आवासीय, कमर्शियल, औद्योगिक और संस्थागत प्लॉट दिए जाएंगे। 2,000 वर्ग मीटर से अधिक जमीन देने वालों को कियोस्क या बूथ मिलेगा।
999 वर्ग मीटर से कम जमीन देने वाले मालिकों को प्लॉट के बजाय चार साल तक प्रति एकड़ सालाना एक लाख रुपये मिलेंगे। भुगतान में देरी होने पर 9 प्रतिशत ब्याज का प्रावधान है। चार साल में बुनियादी ढांचा तैयार नहीं होने पर जमीन वापस करने की व्यवस्था भी की गई है।
ट्रैवल एजेंट की वैधता
फर्जी एजेंटों और मानव तस्करी पर रोक लगाने के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा। हर सेवा श्रेणी के लिए अलग पंजीकरण और 5,000 रुपये फीस देनी होगी। पुलिस वेरिफिकेशन के बाद 30 दिनों में QR कोड वाला डिजिटल प्रमाणपत्र जारी होगा, जो तीन साल तक वैध रहेगा। नागरिक कोड स्कैन कर एजेंट की पहचान और लाइसेंस की स्थिति जांच सकेंगे।
नियमों में बदलाव
HPSC में ग्रुप-C के स्वीकृत पद 85 कर दिए गए हैं, जिनमें 15 नए पद शामिल हैं। पात्रता में हिंदी या संस्कृत की शर्त को भी स्पष्ट किया गया है। जूनियर लेक्चरर असिस्टेंट भर्ती के लिए साइंस विषयों से 12वीं और पांच साल का लैब अटेंडेंट अनुभव जरूरी होगा। वहीं, TDR पॉलिसी में जमीन की कीमत अब आवेदन की तारीख के कलेक्टर रेट से तय होगी। नई एकीकृत लाइसेंसिंग नीति के तहत कॉलोनियों का काम पांच साल में पूरा करना होगा। पहले इसके लिए सात साल का समय मिलता था।