चंडीगढ़ | हरियाणा की नायब सैनी सरकार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से निर्भर बनाने और स्वरोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में एक और नई पहल की शुरुआत की हैं. शहरी परिवहन को किफायती और सुलभ करने के लिए प्रदेश सरकार ने चंडीगढ़ व दिल्ली की तर्ज पर हर जिले में रैपिडो सेवा शुरू करने की योजना तैयार की है.
इस योजना के तहत, SC- BC वर्ग की 30 युवतियों का चयन किया जाएगा. उन्हें इलेक्ट्रिक स्कूटी उपलब्ध कराई जाएगी और 6 महीने तक 12- 14 हजार रुपए प्रति महीना मानदेय दिया जाएगा. इसके लिए जिला स्तर पर आवेदन आमंत्रित किए गए हैं. इनकी चयन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. चयनित युवतियां मोबाइल ऐप्लिकेशन के माध्यम से राइड और छोटे सामान की डिलीवरी सेवा का संचालन करेगी.
हरियाणा में ड्राइविंग लाइसेंस अनिवार्य
इस योजना के अन्तर्गत, जिला कल्याण विभाग द्वारा इच्छुक युवतियों से आवेदन मांगे गए हैं. पात्रता के तहत आवेदनकर्ता महिला के पास ड्राइविंग लाइसेंस होना अनिवार्य है. चयन के बाद उन्हें संचालन से पहले आवश्यक दिशानिर्देश और बुनियादी प्रशिक्षण दिया जाएगा.
इस योजना के क्रियान्वयन हेतु प्रदेश सरकार द्वारा एक प्राइवेट कंपनी के साथ MoU किया जाएगा. यह कंपनी डिजिटल प्लेटफॉर्म और संचालन तंत्र उपलब्ध कराने का काम करेगी. राइड बुकिंग और भुगतान प्रकिया ऑनलाइन एप्लीकेशन के माध्यम से होगी. जिला कल्याण विभाग परियोजना की निगरानी करेगा और नियमित मानिटरिंग सुनिश्चित की जाएगी.
सस्ती दरों पर यात्रा की मिलेगी सुविधा
जिला कल्याण अधिकारी अनु बंसल ने बताया कि चयनित युवतियों को रोजाना कम- से- कम 15 राइड बुकिंग पूरी करनी होगी. यह लक्ष्य आधारित संचालन होगा. सेवा से जुड़े रहने तक इलेक्ट्रिक स्कूटी युवतियों के पास रहेगी. यदि 6 महीने बाद भी युवतियां इस कार्य को जारी रखना चाहती है तो स्कूटी उनके पास ही रहेगी. इससे उन्हें लंबे समय तक रोजगार का अवसर मिलेगा.
उन्होंने बताया कि इस योजना से महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे. वहीं, शहर के लोगों को छोटी दूरी की यात्रा के लिए सस्ती दरों पर सफर करने का नया विकल्प मिलेगा. इससे छोटी दूरी के सफर और हल्के सामान की डिलीवरी में सुविधा होगी.
