IMT निर्माण में जमीन की मुंहमांगी कीमत बनी अड़चन, अब मोलभाव करने में जुटी हरियाणा सरकार

चंडीगढ़ | हरियाणा के 6 जिलों में इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप (IMT) बनाने की प्रक्रिया में सरकार तेजी लाने वाली है. इन IMT को बनाने का काम साल 2025 के आखिर तक ही पूरा होने की संभावना जताई जा रही थी लेकिन किसानों द्वारा IMT के लिए अपनी जमीन के कई- कई गुणा तक दाम मांगने की वजह से IMT बनाने की परियोजनाएं अभी तक पूरी नहीं हो पाई हैं.

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कई जगहों पर IMT के लिए किसान जमीन के रेट कलेक्टर रेट से छह से 8 गुणा तक मांग रहे हैं. प्रदेश सरकार इन किसानों से जमीन का वास्तविक मोल भाव करने में जुटी है. किसानों के साथ जमीन के रेट की बात बनते ही IMT बनाने की प्रक्रिया में तेजी आ सकती है.

हरियाणा के मुख्यमंत्री ने की थी घोषणा

किसानों द्वारा जमीन बेचने की पेशकश के लिए सरकार ने ई-भूमि पोर्टल आरंभ कर रखा है. इस पोर्टल पर किसान अपनी जमीन बेचने की पेशकश करते हैं और वहीं पर रेट बताते हैं. सरकार को रेट ठीक लगते हैं तो जमीन खरीद ली जाती है अन्यथा अनाप-शनाप दाम मांगने की स्थिति में मोलभाव करने का विकल्प खुला रहता है.

गौरतलब है कि वित्त मंत्री के नाते मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पिछले बजट में 10 IMT बनाने की घोषणा की थी. इनमें से अंबाला, यमुनानगर, रेवाड़ी, पलवल, फरीदाबाद और जींद में IMT बनाने की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है.

जमीन होगी महंगी

उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने बताया कि प्रदेश सरकार अधिक ऊंचाई तक औद्योगिक इकाइयों के निर्माण का निर्णय भी सिर्फ इसलिए लेने जा रही है क्योंकि जमीन महंगी होने के साथ- साथ कम है. औद्योगिक इकाइयों के फ्लोर एरिया रेशो (FAR) को सीमा मुक्त किया जा रहा है.

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उन्होंने बताया कि महेंद्रगढ़ के खुडाना में जमीन नहीं मिल पाई, जिस कारण IMT का प्रस्ताव अभी लटका हुआ है. पंचायती जमीन मिलने के बाद किसी दूसरी जगह पर यह IMT बनाई जा सकती है. हिसार जिले में भी दो IMT बननी प्रस्तावित हैं.

अंबाला जिले में दो IMT बन रही हैं. प्रदेश सरकार IMT के लिए अपनी जमीन बेचने के इच्छुक किसानों से रेट का माल भाव कर रही है. बात बनते ही IMT की प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाएगा.

हरियाणा में 10 IMT बननी हैं. इनमें से 6 पर तेजी से काम चल रहा है. राज्य में जमीन काफी महंगी है. इसकी एक वजह यह है कि हरियाणा बिल्कुल राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के नजदीक है. यहां पिछली कांग्रेस सरकार की भांति अब जमीन का अलाटमेंट या अधिग्रहण नहीं होता बल्कि BJP सरकार किसानों से जमीन खरीदती है. यदि किसी उद्योगपति तो कोई सरकार से चाहिये तो उसे भी बोली देकर जमीन खरीदनी होगी- राव नरबीर सिंह, उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री, हरियाणा सरकार

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Anita Poonia
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मेरा नाम अनीता पूनिया है. मैं पिछले 2 साल से मीडिया इंडस्ट्री में एक्टिव हूँ. वर्तमान मे Haryana E Khabar न्यूज वेबसाइट के लिए कंटेंट राइटर का काम कर रही हूँ.