चंडीगढ़ | हरियाणा में आवासीय और गैर आवासीय क्षेत्रों में इलेक्ट्रिक वाहनों के रख- रखाव व चार्जिंग की व्यवस्था के लिए बुनियादी ढांचा विकसित करना अनिवार्य किए जाने की तैयारियां शुरू हो गई है. इसके लिए प्रदेश सरकार ने हरियाणा बिल्डिंग कोड 2017 में संशोधन करने की योजना बनाई है.

इस संबंध में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग द्वारा एक नोटिस जारी कर जनता से दावे और आपत्तियां मांगी गई है. बता दें कि प्रस्तावित संशोधनों को सरकार पहले ही मंजूरी दे चुकी है और अब इन्हें 26 मई तक सार्वजनिक डोमेन में रखा जाएगा ताकि संबंधित पक्षों और नागरिकों से इनपर आपत्तियां और सुझाव प्राप्त किए जा सके.
चार्जिंग व्यवस्था करना होगा अनिवार्य
संशोधित नियमों के तहत, सभी नई और मरम्मत की गई गैर-रिहायशी इमारतों जैसे शापिंग कांप्लेक्स, माल, होटल और आफिस स्पेस, जहां कम से कम 10 कारों की पार्किंग की व्यवस्था है, वहां हर तीन पार्किंग स्लाट के लिए कम से कम एक EV चार्जिंग स्पॉट उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा. ऐसी इमारतों को 100% EV तैयार बनाया जाना चाहिए, जिसके लिए चार्जिंग प्वाइंट तक जाने वाली तारों के लिए पाइप पहले से ही लगाई गई होगी.
फ्लोर एरिया रेशो से मिलेगी छूट
इसी तरह रिहायशी कांप्लेक्स, जिनमें सहकारी आवास समितियां, ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट और RWA द्वारा प्रबंधित रिहायशी ब्लाक शामिल हैं और जहां 10 या उससे अधिक कारों की पार्किंग की जगह है, उन्हें हर 5 पार्किंग स्लाट के लिए एक EV चार्जिंग स्पॉट उपलब्ध कराना होगा. उन्हें पूरी तरह से EV तैयार इन्फ्रास्ट्रक्चर भी उपलब्ध कराना होगा.
संशोधन में यह स्पष्ट किया गया है कि EV चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर को फ्लोर एरिया रेश्यो गणना से छूट दी जाएगी. इस फैसले से डेवलपर्स और आवास समितियों को नये नियमों को अपनाने के लिए प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है, क्योंकि उन्हें अतिरिक्त निर्मित क्षेत्र (बिल्ट- अप- एरिया) से जुड़ी पाबंदियों से मुक्ति मिलेगी. ड्राफ्ट के अनुसार चार्जिंग स्पॉट को बेसमेंट और स्टिल्ट फ्लोर पर भी लगाया जा सकता है बशर्ते वे निर्धारित अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन करते होंगे.