चंडीगढ़ | सभी सरकारी विभागों, बोर्ड- निगमों, सरकारी कंपनियों और स्वायत्त संस्थानों में ग्रुप C और D के पदों की भर्ती में रिजर्वेशन का लाभ केवल हरियाणा मूल के युवाओं को ही दिया जाएगा. पुलिस कांस्टेबल और शिक्षकों सहित सभी पदों पर भर्तियां सामान्य पात्रता परीक्षा (CET) के स्कोर के आधार पर की जाएगी. कोई अभ्यर्थी यदि पेपर लीक या परीक्षा में अनुचित साधनों का इस्तेमाल करते पकड़ा गया, तो उसे कभी भी सरकारी नौकरी नहीं मिलेगी.
नई पॉलिसी लागू
ऐसे अभ्यर्थी की दावेदारी निरस्त होगी. इसके साथ ही, उसे हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC)) द्वारा भविष्य में आयोजित की जाने वाली परीक्षाओं के लिए अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा. मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की ओर से तृतीय और चतुर्थ श्रेणी पदों की भर्ती के नियम अधिसूचित कर दिए हैं. सभी विभाग ग्रुप सी पदों के लिए अपनी मांग सीधे हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग को भेजेंगे, जबकि ग्रुप डी के पदों के लिए मांग मानव संसाधन विभाग के निदेशालय को भेजनी होगी.
आपत्ति का मिलेगा मौका
बोर्ड और निगमों द्वारा अपनी मांगें HSSC को अलग से भेजी जाएगी. विज्ञापन जारी होने पर एचएसएससी अभ्यर्थियों से इलेक्ट्रानिक रूप से आवेदन की मांग करेगा, जिन्होंने अनारक्षित श्रेणी में सीईटी में 50 प्रतिशत और आरक्षित श्रेणी में 40 प्रतिशत अंक लिए हो. सीईटी के अंक तीन साल के लिए वैलिड रहेंगे. अगर किसी आवेदक की आयु विज्ञापित पद के लिए निर्दिष्ट ऊपरी आयु सीमा से ज्यादा हो जाती है, तो उसे लिखित या कौशल परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं होगी.
पुलिस भर्ती में जुड़ेंगे NCC के अंक
ग्रुप सी पदों के लिए पुलिस और शिक्षकों को छोड़कर पदों की तुलना में दस गुणा अभ्यर्थियों को बुलाया जाएगा. पुलिस भर्ती में एनसीसी के अंक भी ऐड होंगे. शिक्षक पद के लिए हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा (HTET) पास करना जरूरी होगा, मगर लिखित परीक्षा की मेरिट लिस्ट तैयार करने में एचटेट के अंक मान्य नहीं होंगे.
नई पॉलिसी के अनुसार, किसी भी परीक्षा का अंतिम परिणाम घोषित करने से पहले वेबसाइट पर उत्तर कुंजी प्रकाशित की जाएगी व आपत्तियां मांगी जाएगी. यदि आपत्ति सही मिली, तो उत्तर कुंजी में संशोधन होगा. किसी प्रश्न या उसके उत्तर की सत्यता का फैसला करने के लिए राज्य विवि जैसे संस्थानों से विशेषज्ञों की एक समिति का गठन किया जाएगा.
3 महीने में संभालना होगा पदभार
जिन भी युवाओं का चयन होगा उन युवाओं को 3 महीनेमें पदभार संभालना होगा, नहीं तो उसे समान वेतन स्तर के पद पर तब तक चयनित नहीं किया जाएगा, जब तक कि वह नए सिरे से सीईटी में शामिल होकर मेरिट में न आ जाए. खाली पद पर वेटिंग लिस्ट के युवाओं को नियुक्ति दी जाएगी. इतना ही नहीं, कर्मचारी चयन आयोग किसी भी समय अभ्यर्थियों का बायोमेट्रिक डेटा प्राप्त करने में सक्षम होगा. परीक्षा के वक़्त और किसी अन्य चरण में लिए गए बायोमेट्रिक डेटा में विसंगति होने की स्थिति में अभ्यर्थी की दावेदारी को रद किया जाएगा व भविष्य की परीक्षाओं से भी वंचित कर दिया जाएगा.
