पंचायत चुनाव से पहले हरियाणा में ईवीएम मशीनों की कमी, चुनाव आयुक्त बोले- जल्द खरीदेंगे 12500 ईवीएम मशीनें

चंडीगढ़ | कोरोना की धीमी होती लहर के बीच हरियाणा में राज्य चुनाव आयोग आगामी पंचायत और स्थानीय निकाय चुनावों के आयोजन की तैयारियों में धीरे-धीरे जुटने लगा है. चुनाव आयोग के सामने मतदान के लिए ईवीएम मशीनों की उपलब्धता करवाना एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आ रही है.

Eelection Result Counting

हरियाणा में जल्द ही स्थानीय निकाय और पंचायत चुनाव को लेकर सूचना जारी हो सकती है. इस बीच समाचार वेबसाइट पंजाब केसरी से बातचीत करते हुए हरियाणा राज्य के मुख्य चुनाव आयुक्त धनपत सिंह ने कहा कि आने वाले दिनों में हरियाणा नगर पालिका निगमों पंचायतों तथा जिला परिषदों के चुनावों के लिए अपनी खुद की ईवीएम मशीनें खरीदेगा. धनपत सिंह ने बताया कि जल्दी 12500 ईवीएम मशीनें हरियाणा इलेक्शन कमीशन अपनी खरीद लेगा. हरियाणा को आने वाले समय में लगभग 25 करोड़ में यह 12500 ईवीएम मशीन खरीदने के लिए वार्षिक बजट की आवश्यकता रहेगी जो उनके पास है. उन्होंने बताया कि इसी तर्ज पर प्रतिवर्ष 12500 ईवीएम मशीनें खरीदी जाएंगी.

20 अगस्त को पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में पंचायत और निकाय चुनाव से संबंधित याचिकाओं की सुनवाई के दौरान हरी झंडी मिलने के बाद चुनाव आयोग द्वारा ईवीएम मशीनों की व्यवस्था की जाएगी. पंचायतों के चुनावों के लिए उत्तर प्रदेश से 5000 गुजरात से 20000 इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया से 15000 ईवीएम मशीनें चुनाव करवाने के लिए मिलेंगे हरियाणा के पास 5300 ईवीएम मशीनें हैं. बता दें कि पंचायत और स्थानीय निकायों के चुनाव के लिए करीब 75 हजार ईवीएम (इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन) की जरूरत होगी.

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जानकारी के लिए बता दें कि हरियाणा में 22 जिला परिषदों, 142 ब्लाक समितियों और 6205 पंचायतों के पंच- सरपंचों के लिए चुनाव होने हैं. इसमें जिला परिषदों के 416 सदस्यों, ब्लाक समितियों के 3002 सदस्यों और सरपंचों के लिए 6205 पंचायतो के लिए होने है. जानकारी के मुताबिक, जिला परिषद्, ब्लाक समिति व सरपंची चुनाव इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के जरिये कराये जायेंगे, जबकि 62 हजार 466 पंचों के लिए मतदान बैलेट पेपर के जरिये होगा.

जानिए क्या है ईवीएम मशीन

ईवीएम मतलब इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (Electronic Voting Machine). इनका उपयोग अब बैलेट पेपर की जगह चुनाव के समय किया जाता है. ईवीएम मशीन के आने के बाद वोटिंग प्रक्रिया तेज और आसान हो गई. पहले मतपत्रों की गिनती में कई दिन लग जाते थे लेकिन अब ईवीएम मशीन के जरिए मतों की गिनती बेहद तेजी से होती है और 5 से 6 घंटे में परिणाम आ जाते हैं. ईवीएम मशीन में 1 मिनट के अंतर्गत 3 वोट डाले जा सकते हैं. इसके आने के बाद चुनाव में भारी मात्रा में प्रयोग होने वाले कागज की भी बचत हो रही है. भारत में ईवीएम (EVM) को आकार देने का श्रेय सरकारी कंपनी इलेक्ट्रॉनिक्स कारपोरेशन ऑफ इंडिया और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड को जाता है. इन्हीं कंपनियों ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन को विकसित किया और इसका परीक्षण किया.

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Manoj Thayat
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