गुरुग्राम | कहते हैं कि ऊंचे हौसलों से ही उड़ान होती है. इस कहावत को चरितार्थ कर दिखाया है, गुरुग्राम की महिला तैराक काम्या भारद्वाज ने जिन्होंने समुद्र में 58 किलोमीटर की दूरी मात्र 18.15 घंटे में तैरकर तय करते हुए एक नया रिकॉर्ड स्थापित कर दिया है. इससे पहले यह रिकॉर्ड 19.20 घंटे का त्रिपुरा की सुचेता दास बर्मन के नाम था.

काव्या के नाम नया रिकॉर्ड
दिल्ली विश्वविद्यालय दयाल सिंह कालेज की छात्रा काम्या ने बताया कि उन्होंने ओपन वाटर स्विमिंग अकादमी तैनी के नेतृत्व में 12 अप्रैल को दोपहर 01.30 बजे भारत के धनुष्कोडी-समुद्र क्षेत्र से श्रीलंका के थलाईमन्नार पर पहुंचने के लिए तैराकी शुरू की थी. थलाईमन्नार पहुंचकर काम्या ने फिर वहां से वापसी करते हुए धनुष्कोडी पर अपनी तैराकी 13 अप्रैल सुबह 7.45 बजे समाप्त की. 29 किलोमीटर तैराकी बिना कोई आराम किए उन्होंने एक तरफ पूरी की.
यह चुनौती आई सामने
उन्होंने बताया कि तैराकी समुद्र के उसी हिस्से में होती है जहां समुद्र शांत होता है और ऊंची लहरें नहीं होती है. काम्या ने बताया कि रात को श्रीलंका से भारत वापस लौटते समय समुद्र की ऊंची लहरों ने मुश्किलें खड़ी कर दी थी. उनके लिए यह कल्पना से बाहर था क्योंकि जिनके नेतृत्व में तैराकी की जा रही थी, उन एक्सपर्ट्स का भी कहना था कि समुद्र में इस समय लहरें नहीं होती है. इस दौरान एक पल के लिए उन्हें लगा कि लहरों के चलते उनका लक्ष्य समय पर हासिल नहीं होगा क्योंकि वह कम समय में अपनी मंजिल तक पहुंच कर नया कीर्तिमान स्थापित करना चाहती थी.
एक्सपर्ट्स ने भी कहा कि ऊंची लहरों की वजह से समुद्र में तैरना आसान नहीं होगा इसलिए नाव पर आ जाए लेकिन उन्होंने उनकी बात को अनसुना करते हुए अपने टारगेट पर फोकस रखा और समुद्र की ऊंची लहरों को चीरते हुए एक नया रिकॉर्ड स्थापित करने में कामयाब रही. इसकी उन्हें अपार खुशी है.
जेली फिश ने दिया घाव
समुद्र में तैरने के दौरान जेली फिश ने उन्हें बहुत परेशान किया. हालांकि, उन्होंने इससे बचाव हेतु ऐसे कैमिकल (दवा) का प्रयोग किया था जिससे जेली फिश उनके शरीर पर चिपके व डंक ना मारे लेकिन कई जेली फिश उनके शरीर को चिपक गई थी, जिस कारण उन्हें दर्द में तैरते रहना पड़ा. उन्होंने तमाम चुनौतियों के बावजूद भी अपने लक्ष्य को हासिल कर दिखाया और इसकी खुशी शब्दों में बयां नहीं की जा सकती है.