ज्योतिष | सनातन परंपरा में कार्तिक महीने की अष्टमी तिथि को रखे जाने वाला व्रत अहोई अष्टमी बेहद ही शुभ और फलदाई माना जाता है. इस व्रत को महिलाएं अपने संतान की दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य और समृद्धि के लिए रखती हैं. अहोई अष्टमी के दिन विधान से पूजा अर्चना करने का महत्व है. आज की इस खबर में हम आपको बताएंगे की हुई अष्टमी का व्रत कब है, जिससे आपका सारा कंफ्यूजन आसानी से दूर हो जाएगा.
कब है अहोई अष्टमी का व्रत
अबकी बार हुई अष्टमी के व्रत को लेकर काफी कंफ्यूजन बना हुआ है. कुछ लोगों का कहना है कि 13 तारीख को अहोई अष्टमी है, वहीं कुछ लोग 14 अक्टूबर को अहोई अष्टमी की बात कर रहे हैं. अगर आप हमारे इस आर्टिकल में लास्ट तक बने रहते हैं, तो आपका सारा कंफ्यूजन दूर हो जाएगा. कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 13 अक्टूबर को रात 12:24 मिनट पर शुरू हो रही है और इस तिथि का समापन अगले दिन यानी की 14 अक्टूबर को सुबह 11:09 मिनट पर होगा. ऐसे में अहोई अष्टमी का व्रत 13 अक्टूबर सोमवार को रखा जाना ज्यादा उत्तम है.
इस प्रकार करें पूजा
अहोई अष्टमी पूजा का समय शाम 5:53 मिनट से शुरू होता है, जो 7:08 मिनट तक रहने वाला है. इस दिन महिलाएं तारा देखने के बाद ही भोजन करती है. अहोई अष्टमी की पूजा प्रदोष काल में ही की जाती है, इस दौरान चौकी पर लाल वस्त्र बिछाकर अहोई की तस्वीर स्थापित करनी होती है. उसके बाद, जल का छिड़काव, दीप प्रज्वल और मंत्र उच्चारण के साथ पूजा अर्चना करने का विधान है. हिंदू धर्म में यह व्रत बेहद ही पवित्र माना जाता है. हर घर की महिलाएं अपने संतान की लंबी आयु और समृद्धि के लिए इस व्रत को रखती हैं.
डिस्केलमर: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं विभिन्न माध्यमों/ ज्योतिषियों/ पंचांग/ प्रवचनों/ मान्यताओं/ धर्मग्रंथों पर आधारित हैं. Haryana E Khabar इनकी पुष्टि नहीं करता है.
