नई दिल्ली | राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सरकार ने परिवहन व्यवस्था को ओर मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है. बता दें कि दिल्ली सरकार द्वारका सेक्टर- 22 में एक नए इंटर- स्टेट बस टर्मिनल (ISBT) के निर्माण की योजना तैयार कर रही है. यह दिल्ली का चौथा प्रमुख ISBT होगा. यह सिर्फ बस स्टैंड नही, बल्कि आधुनिक मल्टी- मॉडल हब होगा.

दिल्ली सरकार में परिवहन मंत्री पंकज सिंह ने बताया कि यह ISBT मौजूदा तीनों ISBT से बेहतर होगा और यह दिल्ली के ट्रांसपोर्ट सिस्टम को नई दिशा देने का काम करेगा. इस नए ISBT को बनाने की लागत 4200 करोड़ रुपए मानी जा रही है.
ट्रैफिक दबाव होगा कम
दिल्ली के तीनों ISBT कश्मीरी गेट, आनंद विहार और सराय काले खां पर बसों की भीड़ ज्यादा होती है. इससे आसपास की सड़कों पर ट्रैफिक जाम लगता है. नए टर्मिनल से यहां बसों का दबाव कम होगा. द्वारका में यह हब बनने से वेस्ट दिल्ली का ट्रांसपोर्ट सिस्टम मजबूत होगा. इसकी सबसे बड़ी खासियत लोकेशन की है जो द्वारका सेक्टर- 21 मेट्रो स्टेशन, बिजवासन रेलवे स्टेशन, इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट और यशोभूमि के पास रहेगी.
प्लान के अनुसार, यहां लगभग ढाई लाख वर्ग मीटर में हाउसिंग सुविधाएं होगी और 65 हजार वर्ग मीटर में कमर्शियल डेवलपमेंट होगा. करीब 27 हजार वर्ग मीटर में DTC बस डिपो बनेगा. लगभग 50 हजार वर्ग मीटर में पब्लिक सुविधाएं उपलब्ध होगी और शेष जगह पर यात्रियों की सुविधाओं, टिकटिंग और बस ऑपरेशन होगा.
इन इलाकों को फायदा
इस नए बस अड्डे से दिल्ली के साथ- साथ हरियाणा के गुरुग्राम और मानेसर को भी फायदा होगा. इसकी मुख्य सड़कों और एक्सप्रेसवे से भी सीधी कनेक्टिविटी होगी. बस, मेट्रो, ट्रेन और हवाई यात्रा आसान होगी. यह ट्रांजिट- ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) का बेहतर उदाहरण होने जा रहा है.
यह सिर्फ बस अड्डा नहीं बल्कि आधुनिक ट्रांसपोर्ट हब होगा. इस ISBT में कमर्शियल और पब्लिक स्पेस भी खूब होगा. यहां लोगों के लिए दुकानें, ऑफिस और होटल जैसी सुविधाएं होगी. इसके साथ ही, कुछ हिस्सा पब्लिक और सेमी- पब्लिक सुविधाओं के लिए रखा जाएगा. यहां हरियाली के लिए गार्डन, वॉकवे और प्लाजा भी बनाए जाएंगे. यात्रियों के रहने के लिए व्यवस्था भी होगी.