हरियाणा में अनोखी विदाई, हाइड्रा क्रेन पर बैठकर गांव पहुंचे ताऊ; देखें वीडियो

पानीपत | हरियाणा के पानीपत में एक सरकारी कर्मचारी ने अपनी रिटायरमेंट को अनोखे अंदाज में यादगार बना दिया. फूड एंड सप्लाई विभाग में 23 साल तक चपरासी (सेवादार) के पद पर कार्यरत रहे 58 वर्षीय महाबीर बांगड़ ने नौकरी से सेवानिवृत्त होने के बाद कार या रथ की बजाय करीब 100 फीट ऊंची हाइड्रा क्रेन की बूम पर सवार होकर अपने पैतृक गांव कवि तक सफर किया. फूलों और रंग- बिरंगी चुन्नियों से सजी क्रेन को देखने के लिए रास्ते भर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी.

Panipat Tau

महाबीर बांगड़ के आगे थार, स्कॉर्पियो समेत कई गाड़ियों का काफिला चल रहा था. डीजे की धुन पर लोग नाचते हुए उनके साथ आगे बढ़ रहे थे, जबकि महाबीर खुद भी हाइड्रा क्रेन पर सवार होकर पूरे रास्ते झूमते नजर आए. इस अनोखी विदाई का वीडियो राहगीरों ने अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड किया, जो अब चर्चा का विषय बना हुआ है.

हरियाणा में अनोखी विदाई

महाबीर बांगड़ ने बताया कि उन्होंने अपने करियर के दौरान कई कर्मचारियों की रिटायरमेंट देखी थी. तभी उन्होंने तय कर लिया था कि जब उनकी विदाई होगी तो वह कुछ अलग करेंगे. इसी सोच के चलते उन्होंने कार या किसी पारंपरिक वाहन की जगह हाइड्रा क्रेन को चुना. उनके बेटे अमित ने बताया कि यह योजना अचानक नहीं बनी थी. जून 2026 की शुरुआत से ही परिवार ने तैयारियां शुरू कर दी थीं. रिश्तेदारों और परिचितों से सलाह लेने के बाद महाबीर ने खुद हाइड्रा क्रेन से गांव जाने का फैसला किया. रिटायरमेंट से करीब 10 दिन पहले क्रेन बुक कर ली गई थी और 29 जून की रात उसे फूलों, मालाओं और रंग-बिरंगी चुन्नियों से सजाया गया. सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए क्रेन की तकनीकी जांच भी कराई गई.

हाइड्रा क्रेन पर बैठकर गांव पहुंचे ताऊ

30 जून को रिटायरमेंट के दिन सबसे पहले मतलौडा तहसील और फिर पानीपत के जिला लघु सचिवालय में अधिकारियों और सहकर्मियों ने महाबीर बांगड़ को फूल-मालाएं पहनाकर, स्मृति चिन्ह भेंट कर और मिठाई खिलाकर सम्मानपूर्वक विदाई दी. इसके बाद, वह सजी हुई हाइड्रा क्रेन पर सवार होकर अपने गांव कवि के लिए रवाना हुए. करीब 5 किलोमीटर का सफर, जो सामान्य परिस्थितियों में 10 मिनट में पूरा हो जाता है. हाइड्रा की धीमी रफ्तार और रास्ते में लोगों की भीड़ के कारण लगभग 50 मिनट में पूरा हुआ.

गांव पहुंचने पर उनकी पत्नी शीला देवी ने आरती उतारकर, तिलक लगाकर और फूल बरसाकर उनका स्वागत किया. इसके बाद, परिवार और ग्रामीणों की मौजूदगी में उनका गृह प्रवेश कराया गया. बता दें कि महाबीर बांगड़ फूड एंड सप्लाई विभाग से सेवादार (चतुर्थ श्रेणी) के पद से रिटायर हुए हैं. उनके परिवार में पत्नी शीला देवी, दो बेटे और एक बेटी हैं. बड़ा बेटा चानू अमेरिका में रहता है जबकि दूसरा बेटा मोहित परिवार के साथ हरियाणा में र

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Sanjukta Pandit
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मेरा नाम संयुक्ता पंडित है. मै हरियाणा ई खबर में बतौर एडिटर के पोस्ट पर लगभग 4 सालों से काम रही हूँ. मेरी हमेशा कोशिश रहती है आप लोगो तक ब्रेकिंग न्यूज़ जल्द से जल्द अपडेट करूं और न्यूज़ में कोई व्याकरण की गलती न हो.