अब बिना प्रदूषण सर्टिफिकेट के नहीं बेच पायेंगे वाहन

करनाल । ज्यादातर गाड़ी चालक अपने वाहन के प्रदूषण सर्टिफिकेट के बारे में गंभीर नहीं होते. प्रदूषण प्रमाण पत्र की वैलिडिटी 6 महीने की होती है.  इसकी वैलिडिटी समाप्त हो जाने के बाद भी लोग अपनी गाड़ी को प्रदूषण केंद्र तक ले जाने का समय नहीं निकाल पाते, लेकिन अब ऐसे वाहन चालकों को सतर्क हो जाना चाहिए. अब बिना प्रदूषण सर्टिफिकेट के एनसीआर क्षेत्रों में वाहन रजिस्ट्रेशन ट्रांसफर की फाइल को केंद्र कर्मचारी वापस लौटा रहे हैं.

BIKE POLLUTION

इंश्योरेंस क्लेम करने के लिए भी प्रदूषण प्रमाण पत्र अनिवार्य

इसके अतिरिक्त वाहन के क्षतिग्रस्त हो जाने पर इंश्योरेंस को क्लेम करने के समय भी प्रदूषण सर्टिफिकेट को अनिवार्य कर दिया गया है, लेकिन वर्तमान में वाहन चालकों को सतर्कता की कमी के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

बाहरी वाहनों को खरीदने से किया जाता है परहेज

पुराने वाहनों को ऑटो मार्केट में खरीदने बेचने वाले दुकानदार भी ज्यादातर लोकल नंबर के वाहनों को ही बेचने या खरीदने के लिए प्राथमिकता दे रहे हैं. यदि कोई वाहन एनसीआर शहर से बाहर का है तो उस वाहन के रजिस्ट्रेशन ट्रांसफर के होने में समस्या आ रही है. इसी मुद्दे पर दुकानदार शिवम मदान ने बताया है कि पहले हरियाणा के किसी भी जिले का चार पहिया या दो पहिया वाहन खरीद कर लोकल क्षेत्र में बेचने में कोई परेशानी नहीं होती थी. अब एनसीआर सूची से बाहर के जिलों का वाहन रजिस्ट्रेशन करनाल में ट्रांसफर नहीं हो पाता. जिसके कारण बाहरी वाहनों को खरीदने से परहेज किया जाता है.

सतर्कता नहीं होने की वजह से लोग खरीद लेते हैं बाहरी वाहन

इसके बारे में सेक्टर 12 में स्थित जन सेवा केंद्र के कर्मचारी ने भी कहा है कि ऊंचा मॉडल होने के बाद भी एनसीआर शहर से बाहर की गाड़ी यहां ट्रांसफर नहीं की जा रही है. रोजाना लोग इस संबंध में पूछने के लिए आते हैं, परंतु सतर्कता न होने की वजह से लोग वाहन खरीद लेते हैं, लेकिन बाद में गाड़ी की आरसी उनके नाम नहीं हो पाती.

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Sahil Maurya
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