पड़ोसियों ने भेजी HSSC को 50 शिकायतें, कहा- इनके घर पहले से नौकरी; 36 हजार से ज्यादा युवा छोड़ चुके अतिरिक्त 5 अंक

चंडीगढ़ | हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) की तरफ से ग्रुप- सी की भर्ती के लिए हुए कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (CET) के अंक और सामाजिक- आर्थिक आधार के 5 अंक को सार्वजनिक किया गया है. इस रिजल्ट के जारी होते ही इसका नकारात्मक प्रभाव दिखने लगा है. एक ओर तो उम्मीदवार आयोग पर आरोप लगा रहे हैं कि आयोग ने रिजल्ट में कई कमियां छोड़ दी है तो वहीं दूसरी तरफ  प्रदेश के लगभग 50 युवाओं ने  HSSC को मैसेज भेजकर अपने पड़ोसियों की पोल खोली है.

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शिकायतकर्ता के नाम को रखा जाएगा गुप्त: HSSC

इनमें लिखा है कि पड़ोसी युवक ने सामाजिक- आर्थिक आधार के अंकों का गलत दावा किया है उसके घर में पहले से 2- 2 नौकरी हैं. इसकी जांच होनी चाहिए. HSSC की तरफ से भी पूरा भरोसा दिलाया गया है कि शिकायतकर्ता के नाम और पते को बिल्कुल गुप्त रखा जाएगा. अब इन मामलों की जांच करवाई जाएगी. HSSC के चेयरमैन भोपाल सिंह खदरी ने बताया कि ग्रुप- सी की भर्ती का स्क्रीनिंग टेस्ट 15 जुलाई के बाद होगा.

36 हजार से ज्यादा युवा छोड़ चुके अतिरिक्त 5 अंक

आयोग के की तरफ से उम्मीदवारों को अतिरिक्त नंबर छोड़ने का मौका दिया गया था. जिसके बाद, 36 हजार से ज्यादा युवा सामाजिक- आर्थिक आधार के 5 अंकों का दावा वापस ले चुके हैं. हालांकि, आयोग भर्तियों की प्रक्रिया पूरी होने पर ज्वॉइनिंग से पहले एक्सट्रा 5 अंक लेने वालों की जांच जरूर करेगा. इसके साथ ही, करीबन 1,300 एक्स सर्विस मैन है जिनकी डिटेल्स जांची जाएगी. कुछ एक्स सर्विसमैन का कहना है कि उन्हें सामान्य श्रेणी में डाल दिया है. कई ने कहा कि उनके घर में कोई जॉब नहीं है, कई ने ईडब्ल्यूएस श्रेणी में फार्म भरा है. अब सभी की डिटेल जांची जाएगी.

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पड़ोसी आयोग को भेज रहे ऐसे संदेश

  • मेरे नो जॉब के 5 अंक जुड़े हुए हैं, मैं पहले से सरकारी नौकरी में हूँ. मैंने फार्म में नो जॉब क्लेम ही नहीं किया और फिर भी नंबर जुड़ गए, लेकिन जांच में नो जॉब पर क्लिक पाया गया है. इस पर युवक ने कहा- सॉरी सर .
  • एक गांव के युवक ने बाकायदा कुछ युवाओं की लिस्ट आयोग को दी है. साथ ही, लिखा कि इन्होंने फादरलेस के अंक फर्जी माध्यम से प्राप्त किये है.
  • सभी युवाओं के नाम व पिता के नाम भी लिखे हैं. एक युवा ने लिखा कि सर कुछ लड़कियों का विवाह सरकारी नौकरी वालों के साथ हुआ है. उनकी फैमिली आईडी भी पति के साथ है. फैमिली आईडी पिता के साथ नहीं है तो वे डीईएसएम कैसे हुई.
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Deepika Bhardwaj
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मेरा नाम दीपिका भारद्वाज है. पिछले साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar वेबसाइट पर राइटर का काम कर रही हूँ. मैं यहाँ हरियाणा व दिल्ली में निकली सरकारी और प्राइवेट नौकरी से जुड़ी जानकारी साझा कर रही हूँ.