हरियाणा में अब कार व चारमंजिला मकान वाले भी माने जाएंगे गरीब, सीएम ने बताया गरीबी का नया मापदंड

चंडीगढ़ । हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने सुप्रसिद्ध शायर मुनीर नियाजी की कुछ पंक्तियों, “किसी को अपने अमल का हिसाब क्या देते, सवाल सारे गलत थे, जवाब क्या देते”, के माध्यम से बजट प्रस्तावों पर विचार विमर्श के बाद विपक्षी पार्टियों को अपना जवाब दिया. मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने मंगलवार को विधानसभा की दो सिटिंग बजट प्रस्तावों पर हुई चर्चा के पश्चात देर रात 9:00 बजे तक सदन में विपक्ष के द्वारा उठाए गए हर प्रश्न का बखूबी उत्तर दिया.

शायरी, चुटकुले और किस्से कहानियों के बीच सदन का माहौल बहुत ही खुशनुमा दिखाई दिया. मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कभी कहानी किस्से सुनाए तो कभी हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहावतों को हरयाणवी अंदाज में रखा. सदन में इस दौरान हरियाणा में गरीबी को लेकर नए मापदंड भी बनाए गए.

CM

यह होगा हरियाणा में गरीबी का नया मापदंड

सदन में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि हरियाणा में हर वो परिवार गरीब की श्रेणी में आएगा जिसकी सालाना आय ₹1,80,000 तक होगी, चाहे ऐसे परिवारों के पास चार पांच मंजिला पक्के मकान या फिर गाड़ियां ही क्यों न हो. उन्होंने कहा कि हमें जातिवादी व्यवस्था से ऊपर उठना होगा और आर्थिक रुप से कमजोर वर्ग के बारे में सोचना होगा.

यह भी पढ़े -  हरियाणा में PG करने वाले डॉक्टरों के लिए खुशखबरी, बॉन्ड और ट्रांसफर से मिली राहत

हरियाणा सरकार करेगी हॉस्पिटलों को अपग्रेड

सीएम मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि हरियाणा में 10 ऐसे जिले हैं जहां पर 100 बैड के हॉस्पिटल हैं. उन्होंने कहा हम हर जिला मुख्यालय पर 200 बेड के हॉस्पिटल बनाएंगे. इन सभी हॉस्पिटलों को अपग्रेड करने हेतु हरियाणा सरकार गंभीर है. लगातार डॉक्टरों की भी भर्तियां होती रहेगी क्योंकि डॉक्टर की भारी कमी है. विवादों का समाधान करने के लिए उन्होंने “विवादों का समाधान” योजना आरंभ करने की घोषणा की है. इसकी वजह से अनेक विभागों की पॉलिसी में भी बदलाव किया जाएगा.

कविता की पंक्तियों से समाप्त की अपनी बात

मंगलवार को सीएम मनोहर लाल खट्टर ने देर शाम 7:00 बजे बजट प्रस्तावों पर हुए विचार विमर्श के पश्चात लगभग 2 घंटे तक अपनी बात जारी रखी. मनोहर लाल खट्टर ने हिंदी के महान कवि दुष्यंत की कविता की पंक्तियों से अपने उत्तर को समाप्त किया. उन्होंने कहा कि, ‘हो गई पीर पर्वत सी पिघलनी चाहिए, इस हिमालय से कोई गंगा निकलनी चाहिए, सिर्फ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं, मेरी कोशिश है ये सूरत बदलनी चाहिए.’

Avatar of Sahil Maurya
Sahil Maurya
View all posts