हरियाणा विधानसभा चुनाव में कार्यकर्ताओं की रायशुमारी से मिलेगी नेताओं को टिकट, जाने क्या है BJP की नई रणनीति

चंडीगढ़ | लोकसभा चुनावों में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं रहने से चिंतित हरियाणा बीजेपी (Haryana BJP) ने इसी साल होने वाले विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने के लिए एक नया प्रयोग किया है. बीजेपी भी जानती है कि लोकसभा चुनावों में प्रत्याशियों के चयन में गलतियां हुई है. पार्टी की आंतरिक रिपोर्ट में सामने आया था कि कई ऐसे चेहरों को रिपीट किया गया, जिनसे जनता में भारी नाराजगी थी. इसका खामियाजा पार्टी को आधी यानि 5 सीटें गंवाकर उठाना पड़ा, लेकिन बीजेपी अब विधानसभा चुनाव में इस गलती को दोहराने के मूड में कतई नहीं है.

BJP

BJP का नया प्रयोग

हरियाणा में विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा जहां कार्यकर्ताओं की राय से टिकट देने की तैयारी कर रही है, वहीं भितरघात को रोकने के लिए टिकट के दावेदारों को भी भरोसे में लेने का हर संभव प्रयास किया जाएगा. इसके लिए हर जिले में पार्टी ने दो-दो बड़े नेताओं की ड्यूटियां लगाई है.

ये नेता विधानसभा चुनाव में पार्टी प्रत्याशियों को टिकट देने से पहले कार्यकर्ताओं का मन टटोलेंगे. यानि कार्यकर्ताओं का पक्ष जानेंगे कि आखिर, वह किसे टिकट का वास्तविक दावेदार मानते हैं या फिर वह किसे टिकट दिलाना चाहते हैं. रायशुमारी की प्रक्रिया से पहले कार्यकर्ताओं को समझाया जा रहा है और फिर प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है.

इनसे भी ली जा रही राय

राय शुमारी में प्रदेश पदाधिकारी, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य, जिला पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष मंडल पदाधिकारी, मोर्चा प्रदेश पदाधिकारी मोर्चा जिलाध्यक्ष मोर्चा के मंडल अध्यक्ष, प्रकोष्ठ विभाग के प्रदेश व जिला संयोजक पूर्व विधायक व सांसद, जिला परिषद भाजपा के पार्षद, चेयरमैन, ब्लॉक समिति चेयरमैन वाइस चेयरमैन, मेयर, नगर निगम पार्षद, नगर पालिका व जिला परिषद के चेयरमैन, वाईस चेयरमैन , निवर्तमान जिला अध्यक्ष, मंडल अध्यक्ष, सरकारी बोर्डों व निगमों के चेयरमैन व डिप्टी चेयरमैन से भी रायशुमारी की जा रही है.

यह भी पढ़े -  हरियाणा में PG करने वाले डॉक्टरों के लिए खुशखबरी, बॉन्ड और ट्रांसफर से मिली राहत

इस तरह से होगी रायशुमारी

कार्यकर्ताओं व दावेदारों से रायशुमारी की शुरुआत जिला-स्तर पर शुरू हो चुकी है. जिसमें कार्यकर्ताओं को एक पर्ची दी जा रही है. जिनको इस पर्ची पर अपने विधानसभा क्षेत्र के पसंदीदा 3 दावेदारों के नाम लिखने होते हैं. इसके बाद पर्ची को एक बाॅक्स में डाला जा रहा है. बताते हैं कि जिसके नाम को सबसे अधिक कार्यकर्ताओं द्वारा पसंद किया जाएगा. उसी नेता को टिकट देने के लिए सिफारिश की जाएगी. शीर्ष नेतृत्व उसी नाम पर टिकट का निर्णय करेगा.

Avatar of Ajay Sehrawat
Ajay Sehrawat
View all posts

मेरा नाम अजय सहरावत है. मीडिया जगत में पिछले 6 साल से काम कर रहा हूँ. बीते साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar डिजिटल न्यूज़ वेबसाइट के लिए बतौर कंटेंट राइटर के पद पर काम कर रहा हूँ.