चंडीगढ़ | अगस्त का महीना शुरू होते ही मानसून ने रंग दिखाने शुरू कर दिए और लगभग पूरे ही महीने अच्छी बरसात देखने को मिली. इसने जून में हुई बरसात की कमी की भरपाई करने का काम भी किया. पानीपत, जींद, फरीदाबाद, रोहतक और सोनीपत सहित कई जिलों में सुबह बरसात देखने को मिली, जिससे जलभराव की स्थिति पैदा हो गई. सड़कों पर 1 फीट के लगभग पानी इकट्ठा हो गया. फरीदाबाद के चांदपुर गांव में गुरुवार सुबह एक मंजिला मकान धरधरा कर गिर गया. यहां रात से ही रुक- रुक कर बरसात हो रही थी. परिवारजन बताते हैं कि उन्हें एहसास था कि ऐसा हो सकता है. इसी लिए वह पहले ही बाहर निकल गए थे.
वहीं, दूसरी तरफ हिसार में घर की छत पर रखी पानी की टंकी पर आसमानी बिजली गिर गई, जिससे छत पर दरारें आ गई. फर्श की टाइलें टूट गई और बिजली की फिटिंग जल गई.
आज इन 4 जिलों में होगी बरसात
इसी बीच आज 30 अगस्त को मौसम विभाग द्वारा प्रदेश के चार जिलों में बरसात का अलर्ट जारी किया है. विभाग द्वारा पंचकुला, अंबाला, करनाल और यमुनानगर में आज बरसात की संभावना बताई गई है. मौसम विज्ञान विभाग चंडीगढ़ के निदेशक डॉक्टर सुरेंद्र पाल ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने के कारण हरियाणा में 2 से 5 सितंबर तक बरसात की संभावना बनी हुई है. इस दौरान पश्चिमी विक्षोभ भी अपना असर दिखाएगा. सितंबर में बरसात के अन्य स्पेल आने से बारिश की कमी काफी हद तक दूर होगी.
17% तक हुई कम बरसात
बता दें कि मानसून सीजन के 2 महीने बीत जाने के बाद भी प्रदेश में सामान्य से 17% कम बरसात हुई है. बात करें अगर अगस्त के महीने की तो इस महीने में 21% ज्यादा बरसात हुई. सामान्यतः 1 जून से 30 सितंबर के मध्य जहां 440 मिमी बरसात होनी चाहिए थी, वहीं अभी तक 282.9 मिमी बरसात हुई है. प्रदेश में गर्मी का प्रकोप भी अब धीरे- धीरे कम होने लगा है. हालांकि, वातावरण में नमी बरकरार है. दिन का सबसे अधिक तापमान 36.7 डिग्री हथिनी कुंड बैराज का रहा, जबकि सबसे कम तापमान 31.4 डिग्री रेवाड़ी में दर्ज किया गया. पंचकूला में रात का तापमान 23.5 डिग्री दर्ज किया गया.
