कालका-शिमला रेल मार्ग के 121 साल हुए पूरे, यूनेस्को की वर्ल्ड हेरिटेज में शामिल; पढ़ें दिलचस्प इतिहास

चंडीगढ़ | घूमने फिरने के शौकीन लोगों को नई- नई जगह एक्सप्लोर करना काफी ज्यादा अच्छा लगता है. ऐसे में पहाड़ों की रानी शिमला जाने के लिए हर कोई काफी ज्यादा एक्साइटेड रहता है. खासकर कपल्स का यह सपना होता है कि शादी के बाद वह शिमला जाए. यहां सबसे ज्यादा क्रेज कालका शिमला हैरिटेज ट्रैक पर चलती ट्रेन का होता है, क्योंकि इस दौरान 103 सुरंग से होकर ट्रेन गुजरती है. ट्रैक पर कुल 969 पूल भी है. यहां देश से ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व से लोग घूमने के लिए आते हैं और कालका- शिमला ट्रेन का लुफ्त उठाते हैं.

Mountain Rail Hill Station Train

आज कालका शिमला रेल मार्ग के 121 वर्ष पूरे हो चुके हैं. इस खास मौके पर कालका रेलवे स्टेशन पर प्रदर्शनी लगाई गई है, जिसमें इसके इतिहास, पुराने इंजन की तस्वीर, गेट की रेल टिकट, सिक्के, डाक टिकट और करेंसी नोट आदि प्रदर्शित की जा रही है.

इन मूवीज की हो चुकी शुटिंग

9 नवंबर 1903 को कालका शिमला रेल मार्ग की शुरुआत हुई थी, जो कि अंबाला डिवीजन के अंतर्गत आता है. कालका से शिमला तक 18 रेलवे स्टेशन आते हैं. इस रेल मार्ग पर गाड़ी बुला रही है, मुझको अपना बना लो, ऑल इस वेल, क्या कहना, जब भी मेट, सनम रे, रमैया वस्तावैया जैसी फिल्मों की शूटिंग भी हो चुकी है.

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यूनेस्को की वर्ल्ड हेरिटेज में शामिल

यूनेस्को द्वारा साल 2008 के जुलाई महीने में कालका शिमला रेलवे लाइन को वर्ल्ड हेरिटेज में शामिल किया गया था. फिलहाल, यहां 22 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन चलती है, जिसके लिए कुल 5 से 6 घंटे लगते हैं.

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Ajay Sehrawat
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मेरा नाम अजय सहरावत है. मीडिया जगत में पिछले 6 साल से काम कर रहा हूँ. बीते साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar डिजिटल न्यूज़ वेबसाइट के लिए बतौर कंटेंट राइटर के पद पर काम कर रहा हूँ.