चंडीगढ़ | हरियाणा में स्थानीय निकाय चुनावों का बिगुल बज चुका है और सभी राजनीतिक दल अपनी- अपनी तैयारियों पर चर्चा कर रहे हैं. इसी कड़ी में बुधवार को सत्तासीन भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सीएम नायब सैनी की अध्यक्षता में विशेष बैठक बुलाई थी, जिसमें प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली, सभी विधायक, सभी जिलों के अध्यक्ष, जिला प्रभारी और हरियाणा बीजेपी प्रभारी सतीश पूनिया शामिल हुए.
पार्टी सिंबल पर चुनाव लड़ेगी BJP
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए सतीश पूनिया ने बताया कि बीजेपी नगर निगम और नगर परिषद चुनाव पार्टी सिंबल पर लड़ेगी. वहीं, नगर पालिका चुनाव पार्टी सिंबल पर लड़े या नहीं, इसपर बाद में विचार किया जाएगा. नगर निगमों को लेकर अलग-अलग संकल्प पत्र निकाले जाएंगे. उन्होंने कहा कि शहरी निकाय चुनावों में BJP को जीत हासिल होगी.
प्रदेशाध्यक्ष ने दिया यह बयान
प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली ने कहा कि नगर निगम और नगर परिषद्, मेयर, प्रधान और पार्षद चुनाव पार्टी सिंबल पर लड़ा जाएगा. 6-7 फरवरी को चुनावी रण में उतरने वाले लोगों का बायोडाटा लिया जाएगा और 8 फरवरी को जिन जगहों पर चुनाव हैं, उन जगहों पर बैठक बुलाई गई है. 9 फरवरी को हमारे पास पैनल आएंगे. उन पर चर्चा की जाएगी. निकाय चुनावों में हमारी पार्टी विकास के नाम पर जनता से वोटों की अपील करेगी.
मुख्यमंत्री ने दिया यह बयान
सीएम नायब सैनी ने कहा कि जिस प्रकार विधानसभा चुनावों में BJP ने बड़ी जीत हासिल की है, उसी तर्ज पर निगम और स्थानीय निकाय के चुनावों में भी बड़ी जीत हासिल की जाएगी. उन्होंने कहा कि संकल्प- पत्र के लिए कमेटी का गठन किया गया है.
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि नगर निगम का चुनाव व नगर पालिका के अध्यक्ष पद और निगम के मेयर पद का चुनाव डायरेक्ट है, जिन्हें पार्टी सिंबल पर लड़ा जाएगा. उन्होंने कहा कि वार्डों में होने वाले चुनाव पर बैठक में अंतिम फैसला लिया जाना शेष है कि उन्हें भी पार्टी सिंबल पर लड़ा जाए या नहीं. हालांकि, नगर परिषद के अध्यक्ष और पार्षदों का चुनाव पार्टी सिंबल पर ही लड़ा जाएगा.
केंद्र को भेजे जाएंगे मेयर के नाम
मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कोर कमेटी द्वारा मेयर के नाम के पैनल बनाकर केंद्र को भेजे जाएंगे. इसके अलावा, अन्य सभी निर्णय प्रदेश स्तर पर लिए जाएंगे. उन्होंने बताया कि चुनाव लड़ने के इच्छुक लोगों से आवेदन लिए जाएंगे. इसके बाद, चुनाव संचालन समिति ये फैसला करेगी कि किस उम्मीदवार को टिकट दी जानी है.
