अरावली की पहाड़ियों में बन रही ग्रीन वॉल, समझे हरित दीवार बनने से क्या होगा फायदा

चंडीगढ़ | अरावली की पहाड़ियों में बनने वाली ग्रीन वॉल परियोजना दिल्ली और राजस्थान के साथ हरियाणा के भी 5 जिलों के लिए वरदान साबित होगी. दोनों तरफ 5- 5 किलोमीटर की बनने वाली हरित दीवार के दायरे में गुरुग्राम, फरीदाबाद, नूंह, रेवाड़ी और महेंद्रगढ़ की 19 हजार 990 हेक्टेयर की बंजर भूमि भी इसमें शामिल होने वाली है. इस बंजर भूमि में देशी पौधे लगाए जाएंगे और जल निकायों को पुनर्जीवित किया जाएगा.

Aravalli Green Wall Project

हरित दीवार बनने से क्या होगा?

क्या आप जानते है कि इस हरित दीवार बनने से क्या होगा? कोई बात नही, हम आपको बता दें कि इस दीवार के असली मकसद रेगिस्तान को बढ़ने से रोकना, राजस्थान की ओर से आने वाली धूल व प्रदूषण के साथ अतिक्रमण व अवैध खनन रोकना और जलवायु परिवर्तन से लड़ना है.

यह भी पढ़े -  हरियाणा में फिर बढ़ेगी गर्मी की मार, 15 जिलों के लिए उमस का अलर्ट; जानें कब लौटेगी बारिश

इस तर्ज पर किया जा रहा तैयार

अभी यह प्रोजेक्ट 25 से 30 फीसदी ही बन पाया है. अफ्रीकी देश मिलकर करीब 8 हजार किलोमीटर की हरित दीवार बना रहे हैं. इसी तर्ज पर अरावली का ग्रीन वॉल प्रोजेक्ट भी तैयार किया गया है.

एक बड़ा पेड़ सालभर में करीब 0.5 से 1.5 किलोग्राम पीएम 2.5 जैसे खतरनाक कणों को अवशोषित करता है. 5 किलोमीटर में कितने पेड़ होंगे, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है. यह हरित दीवार जल संरक्षण और तापमान को भी नियंत्रित करेगी और इसके बाद कम से कम दो से तीन डिग्री का फर्क पड़ सकता है- प्रोफेसर रविंद्रा खैवाल, स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट, पीजीआई चंडीगढ़

Avatar of Nisha Tanwar
Nisha Tanwar
View all posts