ज्योतिष | हिंदू धर्म में नवरात्रों को विशेष महत्व प्राप्त है. वैसे तो साल में 4 बार नवरात्रि आती है. इनमें शारदीय, चैत्र और 2 गुप्त नवरात्रि शामिल है. आज हम आपको शारदीय नवरात्रि के बारे में जानकारी देने वाले हैं. हिंदू पंचांग के अनुसार, आश्विन महीने के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शारदीय नवरात्रि की शुरुआत हो जाती है. हिंदू धर्म में इसे त्यौहार के रूप में मनाया जाता है, खासकर उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, बंगाल जैसे राज्यों में यह पर्व काफी धूमधाम से मनाया जाता है.
कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त
नवरात्रों के दौरान मां दुर्गा की विशेष रूप से पूजा अर्चना करने का विधान बताया गया है. कहा जाता है कि पूरे 9 दिन अगर कोई व्यक्ति विधि विधान तरीके से मन को प्रसन्न करता है, तो उसके हर कार्य में सफलता मिलती है. 22 सितंबर 2025 सोमवार से नवरात्रि की शुरुआत हो रही है. 1 अक्टूबर 2025 तक नवरात्रि चलने वाली है. इस दिन महानवमी का पावन पर्व मनाया जाएगा.
कलश स्थापना के लिए 22 सितंबर का दिन काफी शुभ है. सुबह 6:00 से लेकर 8:00 तक कलश स्थापित करने का शुभ मुहूर्त है. अगर आप भी मां दुर्गा को प्रसन्न करना चाहते हैं, तो आप नवरात्रि का व्रत कर सकते हैं. इस दौरान आपके मन के नौ स्वरूपों की पूजा अर्चना करनी होती है.
इस दिन से शुरू नवरात्रि
| तारीख | तिथि | पूजा |
|---|---|---|
| 22 सितंबर 2025 | प्रतिपदा | मां शैलपुत्री पूजा |
| 23 सितंबर 2025 | द्वितीया | मां ब्रह्मचारिणी पूजा |
| 24 सितंबर 2025 | तृतीया | मां चंद्रघंटा पूजा |
| 25 सितंबर 2025 | तृतीया | मां चंद्रघंटा पूजा |
| 26 सितंबर 2025 | चतुर्थी | मां कूष्मांडा पूजा |
| 27 सितंबर 2025 | पंचमी | मां स्कंदमाता पूजा |
| 28 सितंबर 2025 | षष्ठी | मां कात्यायनी पूजा |
| 29 सितंबर 2025 | सप्तमी | मां कालरात्रि पूजा |
| 30 सितंबर 2025 | महाअष्टमी | मां महागौरी पूजा |
| 1 अक्टूबर 2025 | महानवमी | मां सिद्धिदात्री पूजा |
| 2 अक्टूबर 2025 | व्रत पारण, दशहरा | दुर्गा विसर्जन |
डिस्केलमर: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं विभिन्न माध्यमों/ ज्योतिषियों/ पंचांग/ प्रवचनों/ मान्यताओं/ धर्मग्रंथों पर आधारित हैं. Haryana E Khabar इनकी पुष्टि नहीं करता है.
